
बिना लाइसेंस के नामी कंपनियों के नाम से बनाई जा रही थीं हजारों नकली जीवनरक्षक दवाइयाँ, अवैध शराब भी बरामद
देहरादून। एसटीएफ उत्तराखण्ड ने जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है । एसटीएफ कुमाऊँ यूनिट एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद ऊधम सिंह नगर के बाजपुर स्थित कोविल बायोटैक (प्लॉट नंबर F-13 एवं F-14) पर छापेमारी कर नकली एवं अपमिश्रित दवाइयों के अवैध निर्माण का राजफाश किया।
कार्रवाई के दौरान धीरेन्द्र पुत्र ब्रहम सिंह, निवासी बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि आरोपी बिना किसी वैध औषधि निर्माण लाइसेंस के आयुर्वेदिक/फूड लाइसेंस की आड़ में STADMED, Macleods, Intas, Sun Pharma जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में सप्लाई कर रहा था।
*मुख्य बरामदगी*
• नकली दवाइयाँ: ALKASOL (2400 बोतलें), CEFIFINE-200 (11,200 टैबलेट), VELTAM, NIMUFIN, SUNCLAV, RUBIRED SUSPENSION, OSTOCALCIUM B12, VELTAM PLUS, GABAPIN, SOMPRAZ सहित कुल लगभग 01 लाख टैबलेट और 15 हजार सिरप बोतलें।
इन दवाइयों का उपयोग अम्लता, जीवाणु संक्रमण, दर्द, सूजन, प्रोस्टेट समस्या, कैल्शियम-विटामिन की कमी और आयरन सप्लीमेंट के रूप में होता है।
• अवैध अंग्रेजी शराब: MacDowell No.1 (1632 क्वार्टर), III RCS (1016 बोतलें) सहित भारी मात्रा।
• अन्य: पैकिंग मशीनें, लेबलिंग मशीन, एस.एस. टैंक, आबकारी होलोग्राम, प्रिंटेड फॉयल और पैकिंग सामग्री।
*कानूनी कार्रवाई*
अभियुक्त के विरुद्ध थाना बाजपुर में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं (338(3), 276, 277, 278, 318, 319, 336) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अवैध शराब की बरामदगी पर आबकारी अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण में अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
*टीम*
कार्रवाई एसटीएफ, औषधि प्रशासन, आबकारी एवं स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
