
लेखक गाँव में तीन दिवसीय 15वीं यंग थिंकर्स मीट के समापन सत्र में राज्यपाल ने की शिरकत
ज्ञान, नवाचार और तकनीक से भारत बनेगा वैश्विक नेतृत्वकर्ता: राज्यपाल
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में राष्ट्रों के बीच प्रतिस्पर्धा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विचारों, सूचनाओं और नैरेटिव के स्तर पर भी हो रही है। ऐसे समय में युवाओं को तथ्य, शोध और सकारात्मक सोच के आधार पर भारत की मजबूत आवाज बनना होगा।
आज देहरादून के थानो स्थित लेखक गांव


में इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय 15वीं यंग थिंकर्स मीट के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस मंच पर देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा विचारकों के साथ संवाद करना प्रेरणादायी रहा। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित प्रत्येक युवा करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘वार एंड नैरेटिव्स’ विषय पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज का युवा केवल जानकारी प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि नए विचारों को जन्म देने वाला और समाज को दिशा देने वाला नेतृत्वकर्ता है। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं देशों का होगा, जो ज्ञान, नवाचार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी होंगे। उन्होंने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, मेटावर्स और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों में दक्षता हासिल करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का संतुलित समन्वय ही देश को वैश्विक नेतृत्व दिला सकता है।
राज्यपाल ने विश्वास जताया कि यंग थिंकर्स मीट से निकले विचार विकसित भारत की वैचारिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने विभिन्न युवा प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया।
इस दौरान समापन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राम माधव, शिक्षाविद, विशेषज्ञ और देशभर से आए युवा विचारक भी मौजूद रहे।
