एक मंच पर सिमटी भारत की सांस्कृतिक विविधता, दिवाली फिएस्टा बना यादगार
उत्तरांचल दिवाली फिएस्टा दे गया विविधता में एकता का संदेश।
उत्तरांचल विश्वविद्यालय बना सांस्कृतिक विविधता व अभूतपूर्व आतिशबाजी का गवाह
देहरादून 31 अक्टूबर। उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिसर आज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, युवाओं की ऊर्जा का सकारात्मक प्रदर्शन एवं अभूतपूर्व आतिशबाजी का गवाह बना। अवसर था उत्तरांचल दिवाली फिएस्टा 2026 के ग्रेंड आयोजन का। दो दिन पूर्व ही विश्वविद्यालय कैम्पस को सजाने का काम प्रारम्भ हो गया था जबकि आज सुबह से ही उत्साही छात्र अपनी रंग-बिरंगी पौशाकों में मेले में आये खेलों व भोजन का आनंद लेते दिखे। कोई झूला झूल रहा था तो कोई सेल्फी खींचनें में और कोई झूला झूलने में मस्त था। विश्वविद्यालय संचालन समिति की उपाध्यक्षा श्रीमती अनुराधा जोशी इस अवसर पर मुख्य अतिथि थी जबकि विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जोशी, उपाध्यक्षा सुश्री अंकिता जोशी, कुलपति प्रो0 धर्मबुद्धि, उपकुलपति प्रो0 राजेश बहुगुणा व कार्यकारी निदेशक डा0 अभिषेक जोशी, रश्मि जोशी, प्रो0 प्रदीप सूरी, प्रो0 अजय सिंह, प्रो0 सोनल शर्मा, प्रो0 पूनम रावत, प्रो0 सुमीत चैधरी, प्रो0 विकास जखमोला, प्रो0 मनीष बडोनी बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ एक विशेष सांस्कृतिक कार्निवल से किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी कर रहे छात्रों के धमाकेदार प्रवेश के लिए एक शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। जुलूस का नेतृत्व कर रहे छात्रों के हाथों में एकता, उत्साह और जश्न की भावना के प्रतीक झण्डे लहरा रहे थे। उनके पीछे भारत के अलग-अलग राज्यों की पारम्परिक वेशभूषा मे ंसजे छात्र अपनी परफोरमेंस देते चल रहे थे। कही सेनोरिटा डांस तो कही अरुणाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम के जोशीले नृत्य प्रस्तुत किये गये। हर प्रस्तुति में प्रतिभागियों ने अपने-अपने प्रदेश की विशेष परम्पराओं, वेशभूषा, नृत्य व सांस्कृतिक विरासत को दिखाया। जुलूस का विशेष आकर्षण पंजाबी भंगड़ा था जिसमें लड़के और लड़कियाँ ट्रेक्टर ट्रोलियों में सवार होकर परफोरमेंस दे रहे थे। जुलूस के आगे बुलेट सवार लड़कियाँ और पीछे खुली जीप में चल रहे छात्र त्योहार का माहौल बना रहे थे।
खचाखच भरे विश्वविद्यालय ग्राउण्ड में विशेष प्रस्तुतियां दी गई। एथनिक थीम आधारित रैंप वाॅक, गुजराती गरबा, राम बाण मुखौटा डांस, इंडी फ्यूजन बिट्स, दिवाली ग्लेम वाॅक व हैलोवीन वाॅक जैसे प्रोग्रामों ने दर्शकों का मन मोह लिया। उसके बाद छात्रों ने नाॅन स्टाॅप डीजे का आंनद लिया। कार्यक्रम के समापन पर हुई अभूतपूर्व आतिशबाजी ने दिवाली फिएस्टा को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर के मार्गदर्शन में कल्चरल सोसाइटी की चेयरपर्सन प्रो0 रीता रौतेला की टीम, अनुशासन समिति के चेयरपर्सन प्रो0 अमीत भट्ट की टीम व ब्रांडिंग हेड सौरभ राजवंशी की टीम ने किया।

