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मातृ-शक्ति दिवस’ के रूप में मनाया गया भव्य रामलीला महोत्सव–2026 का द्वितीय दिवस

ताड़िका वध के भव्य मंचन से गूंजा रामलीला मैदान, मातृ-शक्ति का हुआ सम्मान

ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में नारी शक्ति का सम्मान:  लेजर एंड साउंड शो ने मोहा मन

पद्मश्री बसंती बिष्ट एवं विधायक सविता कपूर ने की शिरकत, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाशाली महिलाएँ सम्मानित

*‘मातृ-शक्ति दिवस’ के रूप में मनाया गया ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का द्वितीय दिवस, ताड़िका वध के भव्य मंचन ने मोहा दर्शकों का मन!*

*उत्तराखंड की ऐतिहासिक रामलीला, नारी शक्ति के सम्मान और सनातन परंपराओं को समर्पित रहा द्वितीय दिवस

देहरादून। श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजी.) द्वारा आयोजित ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का द्वितीय दिवस ‘मातृ-शक्ति दिवस’ के रूप में मनाया गया। श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में आयोजित इस समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री प्रसिद्ध लोकगायक बसंती बिष्ट व विधायक सविता कपूर उपस्थित रहे। द्वितीय दिवस पर ताड़िका एवं सुबाहु वध का भव्य मंचन किया गया, वहीं आकर्षक प्रकाश व्यवस्था एवं लेजर एंड साउंड शो ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

महोत्सव के द्वितीय दिवस पर भगवान श्रीराम की लीला में ताड़िका एवं सुबाहु वध का भव्य मंचन किया गया। मंच पर ताड़िका ने अपने साथियों के साथ आग उगलते हुए ड्रोन के साथ प्रवेश किया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। आधुनिक लेजर तकनीक, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और विशेष साउंड इफेक्ट्स के अद्भुत समन्वय से ताड़िका वध एवं सुबाहु वध के दृश्यों को बेहद प्रभावशाली और जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। तकनीक और पारंपरिक रामलीला के इस अनूठे संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि वर्ष 1952 से पुरानी टिहरी में चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला को टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित कर उसकी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के इतिहास, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष महोत्सव के द्वितीय दिवस को ‘मातृ-शक्ति दिवस’ के रूप में समर्पित किया गया, ताकि समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान को सम्मानित किया जा सके।

अभिनव थापर ने कहा कि वर्ष 2025 में आयोजित ‘भव्य रामलीला महोत्सव’ को लोगों के अपार स्नेह और आशीर्वाद से विभिन्न माध्यमों के जरिए 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा, जिसके परिणामस्वरूप यह उत्तराखंड की सबसे अधिक देखी जाने वाली रामलीलाओं में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि दर्शकों के इसी प्यार और विश्वास से प्रेरित होकर इस वर्ष रामलीला को और भव्य स्वरूप दिया गया है। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक प्रस्तुतियों और आधुनिक लेजर एंड साउंड शो के अद्भुत संगम के साथ डिजिटल लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से इस वर्ष एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल का उद्देश्य पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक विरासत, गढ़वाल के गौरवशाली इतिहास और सनातन धर्म की परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाना है।

मुख्य अतिथि पद्मश्री बसंती बिष्ट ने कहा कि लोक संस्कृति और हमारी समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने में मातृ-शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय माध्यम हैं।

मुख्य अतिथि विधायक सविता कपूर ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, भाषा और परंपराओं को जीवित रखने में महिलाओं का योगदान अतुलनीय है। रामलीला जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं।

मातृ-शक्ति दिवस के अवसर पर पद्मश्री लोकगायक बसंती बिष्ट, विधायक सविता कपूर, कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेता उन्नति शर्मा, अभिनेत्री इन्द्राणी पांधी, कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी, डॉ. सुमिता प्रभाकर, पार्षद अंजली सिंघल, पत्रकार मीना नेगी, डॉ. अंशिका जैन, अमृता कौशल, सुमित्रा ध्यानी, डॉ. सुमिति काला सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

महोत्सव के अंतर्गत 8 से 25 अक्टूबर तक भव्य मेले एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतलों का भव्य दहन तथा 21 अक्टूबर को श्रीराम के राजतिलक का आयोजन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गढ़वाल की ऐतिहासिक राजधानी पुरानी टिहरी की वर्ष 1952 से चली आ रही रामलीला को देहरादून में जीवंत रखने के उद्देश्य से श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 द्वारा इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर, विधायक सविता कपूर, पद्मश्री बसंती बिष्ट, पार्षद आयुष गुप्ता, सम्मानित महिलाएँ, समिति के पदाधिकारी, कलाकारों एवं बड़ी संख्या में दर्शकों ने सहभागिता की।

जय सिया राम!

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