देहरादून: उत्तराखंड में निजी स्कूलों द्वारा बिना अनुमति के फीस बढ़ाने के बढ़ते मामलों पर शिक्षा विभाग अब सख्त एक्शन मोड में आ गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल सती ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकार के आदेश के अनुसार अगले तीन वर्षों तक किसी भी निजी स्कूल को फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निदेशक मुकुल सती ने बताया कि सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जहां भी अभिभावकों की शिकायतें आ रही हैं, वहां संबंधित स्कूलों को नोटिस भेजे जा रहे हैं और कई स्कूलों से लिखित जवाब तलब किया गया है।
तीन साल बाद भी सीमित बढ़ोतरी
मुकुल सती ने यह भी साफ किया कि तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद भी फीस बढ़ोतरी तय सूचकांक (वर्तमान में लगभग 5.76 प्रतिशत) से अधिक नहीं की जा सकेगी। इससे ज्यादा बढ़ोतरी नियमों का उल्लंघन मानी जाएगी और ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई तय है।
सरकारी स्कूलों पर भरोसा जताने की अपील
निदेशक ने अभिभावकों से अपील की कि वे अटल उत्कृष्ट विद्यालयों सहित सरकारी स्कूलों पर भरोसा करें। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार सुधर रहा है। यहां मुफ्त किताबें, ड्रेस, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा योग्य शिक्षकों की कोई कमी नहीं है।
शिक्षा विभाग के इस सख्त रुख के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि निजी स्कूल सरकार के निर्देशों का कितना पालन करते हैं और अभिभावकों को आखिरकार कितनी राहत मिल पाती
