
प्रदेश में पहली बार शुरू हुई योजनाओं और सुधारों का किया गया विस्तृत प्रस्तुतीकरण
सेवा सप्ताह में प्रदेश की प्रथम उपलब्धियों और जनपदीय नवाचारों की दी गई जानकारी
उत्तराखंड की ऐतिहासिक उपलब्धियों एवं देहरादून की अभिनव योजनाओं पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
देहरादून, दिनांक 05 जुलाई 2026 सूवि।* सेवा, सुशासन एवं समर्पण दिवस के अंतर्गत आयोजित सेवा सप्ताह के द्वितीय दिवस पर “प्रदेश में प्रथम बार नवीन पहलों/कार्यक्रमों/योजनाओं का क्रियान्वयन” विषय पर सायूराम इंटर कॉलेज, देहरादून में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार द्वारा मा0 मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विगत पांच वर्षों में राज्य में पहली बार लागू की गई महत्वपूर्ण योजनाओं, सुधारों एवं उपलब्धियों के साथ-साथ जनपद देहरादून में विभिन्न विभागों द्वारा प्रारंभ की गई अभिनव पहलों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के भिक्षावृत्ति निवारण कार्यक्रम से जुड़े बच्चों द्वारा प्रस्तुत संगीत एवं नृत्य-नाटिका से हुआ। कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी एवं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशि कांत गिरी ने किया। उन्होंने स्लाइड प्रस्तुति के माध्यम से राज्य सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। राज्य परिवहन निगम ने पहली बार लाभ अर्जित किया, सशक्त भू-कानून लागू किया गया, 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन हुआ, नई खनन नीति से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू किया गया। इसके अतिरिक्त 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में उत्तराखंड प्रथम स्थान पर रहा, शीतकालीन चारधाम यात्रा प्रारंभ की गई तथा सभी जनपदों में पहली बार लैब ऑन व्हील्स की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में विभिन्न विभागों द्वारा जनपद देहरादून में पहली बार प्रारंभ की गई योजनाओं एवं नवाचारों की जानकारी दी गई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि बाल भिक्षावृत्ति रोकने के उद्देश्य से जनपद में पहली बार एकीकृत अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत भिक्षावृत्ति एवं कूड़ा बीनने वाले बच्चों का रेस्क्यू कर अभिभावकों की सहमति से उन्हें विद्यालयी शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।
परियोजना निदेशक डीआरडीओ विक्रम सिंह ने बताया कि देहरादून प्रदेश का पहला जनपद है जहां तीन स्थानों पर ऑटोमेटेड पार्किंग तथा चार स्थानों पर हिलांस कैंटीन एवं विक्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान ने अवगत कराया कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ की स्थापना आईटीआई शंकरपुर, सहसपुर में की गई है, जहां जापान एवं जर्मनी सहित विभिन्न देशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं को विदेशी भाषाओं एवं आवश्यक कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सहायक समाज कल्याण अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि जिला समाज कल्याण कार्यालय में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क वाहन सुविधा प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से उन्हें आवश्यकतानुसार विभिन्न सरकारी कार्यालयों तथा उनके निवास तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा ने जानकारी दी कि विलुप्तप्राय देहरादू की बासमती धान की प्रजाति के पुनर्जीवन हेतु पहली बार चार विकासखंडों के 25 गांवों में 65 हेक्टेयर क्षेत्रफल में देहरादूनी बासमती टाइप-3 के उत्पादन एवं संवर्धन का कार्य प्रारंभ किया गया है।
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार दुस्का ने बताया कि जनपद में पहली बार रेफरल पशु चिकित्सालय की स्थापना की गई है, जिसमें पालतू पशुओं के उपचार हेतु डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासोनोग्राफी, ईसीजी तथा आधुनिक शल्य चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विनय कुमार ने जनपद में संचालित पीएम-कुसुम योजना की प्रगति से अवगत कराया।
परिवहन विभाग ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से राज्य में पहली बार ग्रीन सेस की व्यवस्था जनपद देहरादून से लागू की गई है। इसके अंतर्गत राज्य की सीमाओं पर एएनपीआर कैमरा प्रणाली एवं फास्टैग इंटीग्रेशन के माध्यम से ग्रीन सेस की वसूली की जा रही है।
कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रमोद गुप्ता, परियोजना निदेशक डीआरडीओ विक्रम सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विनय कुमार, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान, मुख्य उद्यान अधिकारी डी.के. तिवारी, सहायक निदेशक मत्स्य विनोद कुमार, सहायक समाज कल्याण अधिकारी संदीप कुमार, अपर सांख्यिकीय अधिकारी पी.एस. भण्डारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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जिला सूचना अधिकारी देहरादून
