
प्रो. अजय सूद बोले— विज्ञान संचार में यूकॉस्ट बना देश के लिए प्रेरक मॉडल
‘विज्ञान वाणी’ की गूंज दिल्ली तक, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ने की प्रशंसा
विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने में यूकॉस्ट की अनूठी पहल, शीर्ष वैज्ञानिकों ने सराहा
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार *प्रो. अजय कुमार सूद*, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी *डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन* तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत व हैस्को के संस्थापक पद्मभूषण प्रो. अनिल प्रकाश जोशी ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) का भ्रमण किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने यूकॉस्ट की विज्ञान संचार की अभिनव पहल विज्ञान वाणी 88.8 MHz की सराहना करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को आमजन तक पहुंचाने के प्रयासों के लिए यूकॉस्ट को बधाई दी।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार *प्रो. अजय कुमार सूद ने विज्ञान वाणी 88.8 मेगाहर्ट्ज की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों की उपस्थिति के कारण वैज्ञानिक दृष्टि से समृद्ध राज्य है। इन संस्थानों की विशेषज्ञता और उपलब्धियों को एक साथ जोड़कर ‘Whole of State’ दृष्टिकोण के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लाभों को आमजन तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने Whole of Nation* दृष्टिकोण के माध्यम से देशभर में हो रहे वैज्ञानिक कार्यों और तकनीकी हस्तक्षेपों को समाज से जोड़ने पर भी जोर दिया।
*अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन* ने देश में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ए.एन.आर.एफ. की भूमिका और विभिन्न पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ए.एनआर.एफ. के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर में हो रहे शोध एवं वैज्ञानिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा की जा रही है। उन्होंने ‘सरल AI’ पहल का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर अनुसंधान को अधिक सरल एवं सुगम बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
*आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत* ने *वोकल फार लोकल * की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय स्तर पर विकसित ज्ञान, तकनीक और नवाचारों को वैश्विक स्तर तक ले जाने पर जोर दिया। उन्होंने यूकॉस्ट एवं आईआईटी रुड़की के बीच किए जा रहे विभिन्न सहयोगात्मक कार्यों का उल्लेख किया तथा युवाओं को स्टार्टअप एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की नवाचार एवं स्टार्टअप के क्षेत्र में युवाओं को तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर सकता है। प्रो. पंत ने यूकॉस्ट की विज्ञान वाणी पहल की भी सराहना की।
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने सभी उपस्थित प्रबुद्ध जनों को यूकॉस्ट की8 उपलब्धियों एवं योजनाओं के बारे मे विस्तृत जानकरी उपलब्ध करायी. उनके द्वारा इस अवसर पर विज्ञान संचार, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक उपलब्धियों को सरल एवं प्रभावी माध्यमों से समाज तक पहुंचाने के महत्व को रेखांकित किया गया।
सभी अतिथियों ने विज्ञान केंद्र का भी अवलोकन किया, विज्ञान केंद्र मे बनी हिमालयन गैलरी का विशेष भ्रमण किया व यूकाॅस्ट के अधिकारी व कर्मचारियों की प्रशंसा की.
