
*माया देवी विश्वविद्यालय में प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम पर वर्कशॉप का आयोजन*
होटल प्रबंधन के विद्यार्थियों को आधुनिक होटल तकनीक एवं संचालन की दी गई व्यावहारिक जानकारी।
*माया देवी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म द्वारा विद्यार्थियों को आधुनिक होटल उद्योग में उपयोग होने वाली तकनीकों से परिचित कराने तथा उनके व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से आज प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम वर्कशॉप का आयोजन किया गया।*
वर्कशॉप का आयोजन होटल मैनेजमेंट ब्लॉक स्थित सेमिनार हॉल में किया गया जिसमें स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।



कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को हॉस्पिटैलिटी उद्योग में व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम (PMS) के मूलभूत कार्यों एवं अनुप्रयोगों से परिचित कराना था, साथ ही विद्यार्थियों को प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम आधारित फ्रंट ऑफिस प्रक्रियाओं, अतिथि प्रबंधन एवं होटल संचालन की व्यावहारिक समझ प्रदान की गई।
इससे पूर्व कार्यशाला का उद्घाटन रिसोर्स पर्सन सुश्री सृष्टि दत्ता, विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट प्रो.डॉ तृप्ति जुयाल सेमवाल, वाइस चांसलर प्रो डॉ आशीष सेमवाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया ।
*इस अवसर पर संबोधित करते हुए रिसोर्स पर्सन सुश्री सृष्टि दत्ता असिस्टेंट प्रोफेसर स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म ने विद्यार्थियों को प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने होटल के फ्रंट ऑफिस में प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम की भूमिका बुकिंग, चेक-इन एवं चेक-आउट, अतिथि रिकॉर्ड प्रबंधन तथा होटल के दैनिक संचालन में इसके उपयोग को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से होटल संचालन की विभिन्न प्रक्रियाओं को समझने और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग का अनुभव प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।*
इस अवसर पर माया देवी विश्वविद्यालय की *वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल ने कहा कि आज के तेजी से बदलते हॉस्पिटैलिटी उद्योग में तकनीकी दक्षता विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यावहारिक कार्यशालाएं विद्यार्थियों को आधुनिक होटल तकनीकों की कार्यप्रणाली समझने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास एवं पेशेवर क्षमताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक के साथ-साथ आतिथ्य सेवा की गुणवत्ता और मानवीय संवेदनाओं को भी अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।*
*विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और PMS जैसी प्रणालियां होटल संचालन को अधिक व्यवस्थित, कुशल एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं तकनीकी कौशल प्रदान करना है। इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को रोजगार एवं भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करती हैं।*
यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षण अवसर साबित हुई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को समकालीन होटल तकनीक और उसके हॉस्पिटैलिटी संचालन में उपयोग की जानकारी प्राप्त हुई जिससे उनकी तकनीकी, व्यावसायिक एवं रोजगारपरक दक्षताओं को और अधिक मजबूत करने में सहायता मिली।
डीन स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट डॉ सुरेश जुयाल द्वारा इस कार्यशाला के लिए अपना समय देने के लिए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट प्रो डॉ तृप्ति जुयाल सेमवाल, वाइस चांसलर प्रो डॉ आशीष सेमवाल, रजिस्ट्रार श्रीमती अंबिका जुयाल, डीन एकेडमिक्स प्रो डॉ आर बी सिंह, प्रिंसिपल बी एड डॉ. सीता जुयाल, डीन स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट डॉ. सुरेश जुयाल, एसोसिएट डीन डॉ प्रदीप भट्ट सहित सभी शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।
