देहरादून। महिला आरक्षण बिल जैसे ऐतिहासिक और देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर विपक्ष का रवैया अत्यंत निराशाजनक और गैर-जिम्मेदाराना रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब देश की महिलाओं को सशक्त बनाने का अवसर सामने था, तब विपक्षी दलों ने अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों को प्राथमिकता दी और इस ऐतिहासिक पहल को बाधित करने का प्रयास किया।
आज देश की महिलाएं समझ चुकी हैं कि कौन उनके अधिकारों के साथ खड़ा है और कौन केवल राजनीति कर रहा है। भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए गए हैं, लेकिन विपक्ष ने हर बार बाधा डालने का काम किया है।महिला आरक्षण बिल का विरोध या उसमें अनावश्यक अड़चनें डालना सीधे-सीधे देश की महिलाओं के सपनों और उनके अधिकारों के खिलाफ है। विपक्ष को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए और देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा महिला मोर्चा स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता है कि हम महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे, चाहे विपक्ष कितनी भी रुकावटें क्यों न खड़ी करे।
महिला आरक्षण बिल जैसे ऐतिहासिक विषय पर विपक्ष का रवैया अत्यंत निराशाजनक और गैर-जिम्मेदाराना: रुचि भट्ट
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