देहरादून, 18 अप्रैल 2026 – श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, धर्मपुर देहरादून में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), देहरादून के तत्वावधान में “Promoting Mental Health and Wellness Among Students” (छात्रों के बीच मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना) विषय पर एकदिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर संसाधन व्यक्ति के रूप में शिक्षाविद डाॅ. शीलू सिंह भाटिया जी, प्रधानाचार्य शैपियंस पब्लिक स्कूल श्री नवीन कुमार तनेजा जी तथा मेजबान प्रधानाचार्य श्रीमान आशुतोष कुमार शर्मा जी उपस्थित रहे।
दोनों संसाधन व्यक्तियों ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन एवं समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय पर शिक्षकों को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक जानकारी प्रदान की। उन्होंने विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं, व्यवहारिक उदाहरणों तथा परिस्थिति आधारित अभ्यासों के माध्यम से बताया कि विद्यार्थियों के मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी, पढ़ाई के दबाव, सामाजिक चुनौतियों एवं व्यवहारिक परिवर्तनों को किस प्रकार समझा और सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से दूर रखने के लिए विद्यालय में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण बनाना आवश्यक है। बच्चों से नियमित संवाद, उनकी भावनाओं को सुनना, खेलकूद, योग, ध्यान, रचनात्मक गतिविधियों तथा समय-समय पर प्रेरणा देना मानसिक तनाव को कम करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है। साथ ही विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव न डालते हुए उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुसार मार्गदर्शन किया जाना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि विद्यालय ऐसा स्थान बने जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित, प्रसन्न एवं आत्मविश्वासी महसूस करे। शिक्षकों को संवेदनशील व्यवहार, प्रभावी संवाद एवं समय पर परामर्श के माध्यम से विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य श्रीमान आशुतोष कुमार शर्मा जी ने अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया तथा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि दोनों संसाधन व्यक्तियों ने अपने अनुभव, ज्ञान एवं सरल प्रस्तुति शैली से शिक्षकों को अत्यंत उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों ने पूरे उत्साह, जिज्ञासा एवं सक्रिय सहभागिता के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।
