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ब्रैडकुल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप: कागजों पर सड़क पूरी, डकार गए 16 करोड़, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने खोला मोर्चा

 

​देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही का एक और बड़ा मामला सामने आया है। ब्रैडकुल (BRIDCUL) के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत स्वीकृत, चमोली जिले के थराली विधानसभा मे कंडवाल गाँव से कफूली मल्ला (चरण-1 एवं चरण-2) मोटर मार्ग के निर्माण में ₹16 करोड़ के भारी-भरकम बजट को डकारने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।
इस विषय को लेकर उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने साक्ष्यों के साथ लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और ठेकेदार की सांठगांठ का पर्दाफाश किया। पार्टी ने इस संबंध में पीडब्ल्यूडी सचिव पंकज कुमार पांडे को पत्र भेजकर विस्तृत जाँच और कार्रवाई की मांग की है।

​कागजों में चमचमा रही सड़क, धरातल पर गड्ढे और अधूरा काम
​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने विभागीय अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह सीधे-सीधे जनता के पैसे की डकैती है। मोटर मार्ग के लिए आवंटित लगभग ₹16 करोड़ का शत-प्रतिशत भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर इसका एक छोटा हिस्सा भी काम के रूप में नजर नहीं आता। पूरे मार्ग में से केवल 2-3 किलोमीटर पर अत्यंत घटिया स्तर का पीसी (PC) कार्य किया गया है। जेई संदीप शर्मा, एई नरेश कुमार और अधिशासी अभियंता अजय कुमार पिछले 3 साल से उच्च अधिकारियों को झूठी कंप्लीशन रिपोर्ट भेजकर गुमराह कर रहे हैं। हमारी मांग है कि इन तीनों को तत्काल निलंबित किया जाए और फाइलों को तुरंत सील किया जाए ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो।”

​अधिकारियों की उदासीनता से त्रस्त है क्षेत्र की जनता
​पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने इस घोटाले के सामाजिक और क्षेत्रीय प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “ठेकेदार ने पिछले 1 साल से साइट पर काम पूरी तरह बंद कर रखा है। जब त्रस्त जनता संबंधित अधिकारियों को फोन करती है, तो वे फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझते। यह अधिकारियों की घोर संवेदनहीनता और ठेकेदार के साथ उनकी मिलीभगत को साफ दर्शाता है। पहाड़ की जनता को इस तरह उनके अधिकारों से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।”
​विशेष भौतिक-वित्तीय ऑडिट की मांग
​पार्टी के पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल ने इस पूरे मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जाँच की प्रक्रिया पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमने लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे जी को पत्र लिखकर इस मामले में एक विशेष भौतिक और वित्तीय ऑडिट (Physical-Financial Audit) कराने की मांग की है। ठेकेदार को मिले भुगतान का मिलान साइट पर हुए वास्तविक कार्य से आमने-सामने कराया जाना चाहिए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।”
​भ्रष्टाचार के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी
​वहीं, पार्टी के जिला सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भगवती प्रसाद गोस्वामी ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “अगर इस पत्र पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई और जनता के लिए सड़क का निर्माण तय मानकों के अनुसार दोबारा शुरू नहीं हुआ, तो राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी चुप नहीं बैठेगी। हम इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे और एक उग्र जन-आंदोलन खड़ा करेंगे।”
प्रेस वार्ता में राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष शशि रावत, सुरेंद्र सिंह चौहान एवं गिरीश भद्री आदि मौजूद थे।

​मुख्य मांगें जो सचिव (PWD) पंकज कुमार पांडे को भेजी गईं:
​संबंधित मोटर मार्ग की सभी सरकारी फाइलों, एमबी (Measurement Book) और बिलों को तुरंत सील (Lock & Seal) किया जाए।

​वित्तीय भुगतान के सापेक्ष वास्तविक कार्य के मिलान हेतु विशेष भौतिक-वित्तीय ऑडिट हो।

​प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर जेई, एई और अधिशासी अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।

 

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