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अग्निवीरों को विदेशों में रोजगार से जोड़ेगा उपनल: 50 प्रतिशत अग्निवीरों को विदेशों में रोजगार दिलाने की तैयारी:- गणेश जोशी

उपनल के नवनिर्मित कार्यालय भवन का सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किया उद्घाटन, पूर्व सैनिकों और युवाओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

हल्द्वानी, 16 अगस्त। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज हल्द्वानी में कुमाऊँ मंडल के नवनिर्मित उपनल कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। लगभग ₹1.50 करोड़ की लागत से निर्मित इस भवन से पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों तथा उपनल से जुड़े कार्मिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊँ मंडल का प्रवेश द्वार है और यहां बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिजन निवास करते हैं। ऐसे में उपनल का सुसज्जित और सुविधायुक्त कार्यालय होना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि पूर्व में उपनल कार्यालय छोटे से कमरे में संचालित होने के कारण पूर्व सैनिकों और अन्य लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए भवन के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान होगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उपनल के माध्यम से प्रदेशभर में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में मैनपावर की काफी मांग है और इस संबंध में बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि आगामी एक माह के भीतर विदेश सेवा से संबंधित प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसका लाभ पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों के साथ-साथ अन्य योग्य युवाओं को भी मिलेगा। सैनिक कल्याण मंत्री ने घोषणा की कि अग्निवीरों को भी विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए लगभग 50 प्रतिशत अग्निवीरों को उपनल के माध्यम से विदेशों में रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से सैनिक परिवारों के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को भी बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उपनल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए दुर्घटना बीमा सुविधा को मजबूत करते हुए बीमा कवर ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक के साथ समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात सेना एवं पैरामिलिट्री के जवानों के बलिदान की स्थिति में मिलने वाली सहायता राशि को भी ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। शहीदों के परिजनों की इच्छा के अनुरूप उनके नाम पर सड़क, विद्यालय अथवा अन्य संस्थान का नामकरण करने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को संजोने के लिए सैन्य धाम का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश के 1734 शहीद परिवारों के आंगन की पवित्र मिट्टी तथा 28 नदियों का जल सैन्य धाम में लाया गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सैन्य धाम को वीर माताओं, वीर नारियों और प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पूर्व सैनिकों को सचिवालय में अपने कार्यों के लिए अलग से पास की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उनके लिए पूर्व सैनिक पहचान-पत्र ही पर्याप्त होगा।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों और युवाओं को अधिक से अधिक सुविधाएं एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में नवनिर्मित उपनल कार्यालय भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर मंडी अध्यक्ष अनिल डब्बू, दर्जा मंत्री गंभीर धामी, एमडी उपनल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जे.एन.एस. बिष्ट, कर्नल गोविंद सिंह, कर्नल आलोक पांडे, कर्नल रमेश अधिकारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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