23 वर्षों का शिक्षण अनुभव, राष्ट्रीय सेवा योजना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और अनेक राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय सम्मान हासिल कर बढ़ाया पौड़ी गढ़वाल का गौरव
कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी, सेवा भाव और विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों का विकास भी एक शिक्षक का महत्वपूर्ण दायित्व है। इसी भावना को अपने जीवन का उद्देश्य बनाकर कार्य कर रहे हैं पौड़ी गढ़वाल के शिक्षक परितोष कुमार रावत। शिक्षा, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके योगदान ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है।
वर्तमान में परितोष कुमार रावत राजकीय इंटर कॉलेज कोटड़ीढांग, विकासखंड दुगड्डा, जनपद पौड़ी गढ़वाल में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें शिक्षण कार्य का लगभग 23 वर्षों का अनुभव है। उनकी शैक्षिक योग्यता में भौतिक विज्ञान में एमएससी, अर्थशास्त्र में एमए और बीएड शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना का अभिविन्यास एवं पुनर्बोधात्मक प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से समाजसेवा में महत्वपूर्ण योगदान
परितोष कुमार रावत ने अपने सेवाकाल में शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने 17 अगस्त 2015 से 10 जुलाई 2019 तक राजकीय इंटर कॉलेज कालौं, पौड़ी गढ़वाल में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी के रूप में कार्य किया। वर्ष 2017 से 2019 तक प्रभारी जिला समन्वयक तथा वर्ष 2019 से 2023 तक जिला समन्वयक एवं जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना पौड़ी गढ़वाल का दायित्व संभाला। वर्तमान में भी वह जनपद पौड़ी गढ़वाल में एनएसएस के जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इसके अतिरिक्त उन्होंने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में विकासखंड पाबौ के ब्लॉक समन्वयक, राजकीय शिक्षक संघ पाबौ के ब्लॉक मंत्री तथा राजकीय इंटर कॉलेज कालौं में वर्ष 2017 से 2019 तक प्रधानाचार्य का कार्यदायित्व भी निभाया है।
27 बार रक्तदान कर पेश की समाजसेवा की मिसाल
परितोष कुमार रावत की सामाजिक प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण उनका रक्तदान के प्रति समर्पण है। वह नियमित रक्तदाता हैं और अब तक 27 बार रक्तदान कर चुके हैं। जिला समन्वयक एवं जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना के रूप में उनके प्रयासों से जनपद पौड़ी गढ़वाल में अब तक 15 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा चुका है।
रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता और युवाओं को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करना उनकी सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख हिस्सा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का किया प्रतिनिधित्व
परितोष कुमार रावत ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
वर्ष 2017 में रोहतक, हरियाणा में आयोजित 21वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में उन्होंने उत्तराखंड की 16 सदस्यीय टीम, जिसमें 8 छात्र एवं 8 छात्राएं शामिल थीं, का नेतृत्व किया।
इसी प्रकार वर्ष 2023 में हुबली-धारवाड़, कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भी उन्होंने उत्तराखंड की 12 सदस्यीय टीम, जिसमें 6 छात्र एवं 6 छात्राएं शामिल थीं, का नेतृत्व किया।
इसके अतिरिक्त वर्ष 2023 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान द्वारा डॉ. आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में आयोजित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी उन्होंने प्रतिभाग किया।
अनेक सम्मान और पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके कार्यों को विभिन्न स्तरों पर सम्मानित किया गया है। उन्हें प्राप्त प्रमुख सम्मान एवं पुरस्कारों में शामिल हैं—
प्रथम सर्वोदय सेवक मान सिंह रावत विशिष्ट राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए 5 जून 2018 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री उत्तराखंड सरकार अरविंद पांडेय एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा सम्मान।
वर्ष 2019 में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान।
कोविड काल में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 25 मई 2020 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय द्वारा कोरोना योद्धा सम्मान।
कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्यों के लिए गढ़वाल सांसद एवं अपर शिक्षा निदेशक, गढ़वाल मंडल द्वारा उत्कृष्ट सेवा सम्मान।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जनजागरूकता कार्यक्रम में योगदान के लिए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा सम्मान।
दिसंबर 2022 में युवा कल्याण विभाग एवं राज्य एनएसएस उत्तराखंड द्वारा उत्कृष्ट जिला समन्वयक पुरस्कार।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली शिक्षक सम्मान।
उत्तराखंड गौरव रत्न पुरस्कार।
युवाओं को समाजसेवा से जोड़ने का प्रयास
परितोष कुमार रावत का कार्यक्षेत्र केवल कक्षा और विद्यालय तक सीमित नहीं रहा है। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और जनजागरूकता जैसे विषयों से जोड़ने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
उनका कार्य यह संदेश देता है कि एक शिक्षक की भूमिका विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील बनाने में भी महत्वपूर्ण होती है।
शिक्षण के 23 वर्षों के अनुभव, 27 बार रक्तदान, राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की टीमों का नेतृत्व और विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त सम्मानों के साथ परितोष कुमार रावत शिक्षा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर अपनी भूमिका निभा

