राइजिंग उत्तराखंड फोरम कोटद्वार की पहल पर दिल्ली की चवालिस वर्ष पूर्व बनी संस्था दि हाई हिलर्स ग्रुप (पंजी), दिल्ली के द्वारा 31 अक्टूबर, 2026 को नगर निगम ऑडिटोरियम, कण्व नगरी कोटद्वार में संस्था के अध्यक्ष डॉ. सतीश कलेश्वरी द्वारा लिखित व रमेश ठंगरियाल द्वारा निर्देशित गढ़वाली नाटक ” मधु मंडाण” का मंचन किया गया। शो के विशिष्ट अतिथियों में श्री मयंक प्रकाश कोठारी भारतीय, श्रीमती अभिलाषा भारद्वाज, श्रीमती रंजना रावत श्री गिरिराज सिंह रावत, श्री बीरेंद्र सिंह रावत, श्रीमती गीता नेगी, श्रीमती सुनीता कोटनाला, श्रीमती अनीता आर्य एवं डा.भास्कर बौद्ध शामिल रहे।


यह गढ़वाली भाषा का नाटक मधु मण्डाण ऐसे युवा से संबंधित है जिसे अपनी नौकरी से छुट्टी आने पर अपने गांव कड़ेथ, उत्तराखंड में पता चलता है कि वह ऐसे रोगों से ग्रस्त है जिनका इलाज प्रचलित दवाइयों व प्रचलित अन्य तरीक़ों में संभव नही है। उसे इलाज के लिये सैकड़ों सलाहें मिलती हैं और वह शीघ्र रोगमुक्त होने के चक्कर में हज़ारों रुपये बर्बाद कर देता है। जब बीमारी के इलाज में उसकी पूरी जमा पूंजी खत्म हो जाती हैं तब वह मज़बूरीवश अपने खेतों की ओर लौटता है। खेतों में परिश्रम करने से उसकी जीवन शैली में आमूल-चूल परिवर्तन हो जाता है और वह तमाम रोगों से मुक्त हो जाता है। इस तरह इस नाटक के माध्यम से देश सहित पूरे विश्व को एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की गई कि अपने लाइफ स्टाइल में परिवर्तन करके आप एक सुखद जीवन जी सकते हैं।
इस नाटक की विशेषता की बात की जाए तो यह उत्तराखण्ड के परिवेश में बुने गये अलग-अलग चरित्रों से भरा पड़ा था और एक महत्वपूर्ण संदेश देने में पूर्णत: सफल रहा। हर क़िरदार ने अपने भूमिका से पूरा न्याय किया। हास्य- व्यंग्य से भरपूर लगभग सभी दृश्य दर्शकों को खख़ूब गुडगुदाया व भरपूर मनोरंजन किया।
नाटक में मुख्य भूमिका में थे गढ़वाली फीचर फिल्मों के प्रतिष्ठित अभिनेता सर्वश्री राकेश गौड़, बृजमोहन बेदवाल, रमेश ठंगरियाल, गीता गुसांई नेगी, ममता कर्नाटक, गिरधारी रावत, उमेश बंदूनी, दर्शन सिंह रावत, अंजु भंडारी, आई.पी उनियाल, रामपाल किमोली, अंजु पुरोहित, बाल कलाकार एकाग्र कलेश्वरी थे, अन्य कलाकारों में गढ़वाली थियेटर के प्रमुख कलाकार सर्व श्री रविन्द्र गुडियाल, शशि बडोला, रविन्द्र रावत “गौरी”, महेन्द्र रावत, किरन रामपाल, शेखर भट्ट, धर्मेन्द्र प्रसाद, पुष्पा देवली व मंजु भट्ट को मिलाकर सभी ने उत्कृष्ट अभिनय किया। तकनीकी पक्ष का उत्तरदायित्व निर्देशक के साथ अखिलेश भट्ट व अक्ष रामपाल ने बख़ूबी निभाया।
ग़ौरतलब है कि कण्व नगरी में किसी भी गढ़वाली भाषा के फुल लेंथ प्ले की प्रस्तुति का यह पहला अवसर था इस प्रस्तुति को सफल बनाने के लिए
नगर निगम आयुक्त श्री पी.एल.साह जी, राइजिंग उत्तराखंड फोरम के,राकेश मोहन ध्यानी, विकास देवरानी, गोविन्द डंडरियाल, शशि ध्यानी, कृष्ण कान्त शर्मा, प्रणिता कंडवाल,रश्मि बहुखंडी, राकेश केष्टवाल, विकास अंथवाल, चंद्र मोहन कुकरेती।
बबीता ध्यानी, का पूर्ण सहयोग रहा। संस्था कै अध्यक्ष डॉ. कलेश्वरी ने यह भी बताया कि 2025 व 2026 में उपरोक्त नाटक के दिल्ली व लैन्सडौन में मंचित तीन शो के साथ 31 अक्टूबर 2026 को कोटद्वार और आगामी 1 नवम्बर, 2026 को देहरादून में होने वाले शो को मिलाकर पांच शो हो जाएंगे जो गढ़वाली रंगमंच के लिए एक शुभ
संकेत है।

