AI से मीडिया नैतिकता तक- उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में वैश्विक स्तर पर हुआ ज्ञान और शोध का आदान-प्रदा
मानविकी, मीडिया और तकनीक के संगम पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मंथन, देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में “बियॉन्ड डिसिप्लिनरी बाउंड्रीज़” पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न
देहरादून, 3 नवम्बर 2026: उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स (एसएलए) ने स्वामी विवेकानंद सभागार में “बियॉन्ड डिसिप्लिनरी बाउंड्रीज़: इमर्जिंग पर्सपेक्टिव्स इन ह्यूमैनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़, मास मीडिया एंड टेक्नोलॉजी” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन किया। 2–3 नवम्बर को हाइब्रिड माध्यम में आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश से शिक्षाविद, शोधकर्ता, मीडिया पेशेवर और विद्यार्थी एकत्रित हुए। सम्मेलन में कुल 195 शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 152 का प्रस्तुतीकरण ऑफलाइन तथा 43 का ऑनलाइन माध्यम से किया गया। दोनों दिनों में ऑफलाइन प्रस्तुतीकरण के लिए सात कक्ष तथा ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण के लिए तीन लिंक उपलब्ध कराए गए।
पहले दिन के उद्घाटन सत्र को एसएलए के निदेशक प्रो. (डॉ.) कार्तिकेय, प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) राजेश बहुगुणा तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) धर्म बुद्धि ने संबोधित किया, जिन्होंने विद्यार्थियों से स्थायी शैक्षणिक नेटवर्क बनाने का आग्रह किया। पहले दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आस्था और सार्वजनिक विमर्श प्रमुख विषय रहे, जिन पर प्रो. (डॉ.) राघव मेहरा के व्याख्यान, प्रो. (डॉ.) प्रकाश जोशी, डॉ. पवन शर्मा और सुश्री शिवानी तिवारी की सहभागिता वाली पैनल चर्चा तथा प्रो. (डॉ.) विभा शर्मा का संगोष्ठी सत्र हुआ।
दूसरे दिन छह ट्रैकों में शोध-पत्र प्रस्तुतियाँ हुईं तथा दक्षिण अफ्रीका के श्री कैमरन हॉग और मलेशिया की दातिन डॉ. सिंथिया योलांडा डॉस के साथ अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं का ऑनलाइन सत्र आयोजित हुआ। साहित्य, मनोविज्ञान और राजनीति पर आयोजित गोलमेज़ चर्चा में प्रो. (डॉ.) डी. आर. पुरोहित, प्रो. (डॉ.) प्रकाश जोशी, प्रो. (डॉ.) मौसम सिन्हा और डॉ. ज्वलंत भावसार ने भाग लिया। एबीपी नेटवर्क के डिफेंस एडिटर श्री नीरज राजपूत ने आधुनिक पत्रकारिता के विकास और नैतिकता पर अपने विचार रखे।
समापन सत्र में फ़ेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज़ के अध्यक्ष श्री बी. एन. तिवारी विशिष्ट अतिथि रहे। एसएलए के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी तथा चार श्रेणियों में उत्कृष्ट शोध-पत्र पुरस्कार प्रदान किए गए:
स्नातक: रमनदीप कौर, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, शोध-पत्र “Habituated to Consent: How the Mathura Judgment Converted Reputation into Proof” के लिए।
परास्नातक: अन्वय पटनायक, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, शोध-पत्र “Beyond the Human Narrative: Plant Agency, Social Power and Counter-Narrative in The God of Small Things and Sea of Poppies” के लिए।
शोधार्थी: कनिष्का महेंद्रू, डॉ. अनीता कौल और डॉ. मेधा नारायण कुलश्रेष्ठ, दून ग्लोबल स्कूल यूनिवर्सिटी, देहरादून, शोध-पत्र “Role of Attention Span: A Systematic Review among Patients with Intellectual Disability” के लिए।
शिक्षाविद: डॉ. अजय गिडियन, स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी, मेरठ, शोध-पत्र “The Cumulative and Self-Reinforcing Effect of Social Environment on Criminal Behaviour: An Integrative Theoretical Framework” के लिए।
सम्मेलन ने दर्शाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मीडिया नैतिकता और मानविकी परस्पर किस प्रकार गहराई से जुड़ते जा रहे हैं, तथा विद्यार्थियों को शैक्षणिक प्रस्तुतीकरण और पेशेवर नेटवर्किंग का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया।
माननीय अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जोशी एवं उपाध्यक्ष सुश्री अंकिता जोशी ने इस सम्मेलन के प्रतिभागियों एवं आयोजकों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।

