आयोजक डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने सभी खिलाड़ियों, सहयोगियों एवं आयोजन में योगदान देने वालों का जताया आभार।


देहरादून फुटबॉल एकेडमी (DFA) एवं खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उत्तराखंड चैलेंज फुटबॉल कप 2026 का समापन शानदार मुकाबलों के साथ हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन 24 अप्रैल से प्रारंभ किया गया था।
प्रतियोगिता के आयोजक, देहरादून फुटबॉल एकेडमी के संस्थापक अध्यक्ष एवं हेड कोच तथा खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ उत्तराखंड के महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रदेशभर से अंडर-15 वर्ग की 16 टीमों और 50 प्लस वर्ग की 12 टीमों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता लीग-कम-नॉकआउट आधार पर आयोजित की गई, जिसमें लगभग 500 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजकों की ओर से सभी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन पहाड़ी भोजन एवं चाय की व्यवस्था की गई थी। खिलाड़ियों ने पारंपरिक पहाड़ी भोजन की खूब सराहना की तथा सफल आयोजन के लिए डॉ. रावत को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
अंडर-15 वर्ग में एनडीएस ऋषिकेश ने जीता खिताब
अंडर-15 वर्ग का फाइनल मुकाबला देहरादून फुटबॉल एकेडमी (DFA) और एनडीएस ऋषिकेश के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में एनडीएस ऋषिकेश के खिलाड़ी एकलव्य ने 55वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को चैंपियन बनाया।
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले एनडीएस ऋषिकेश के एकलव्य को बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, डीएफए के कार्तिक राणा को बेस्ट गोलकीपर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार प्रदान किया गया।
50 प्लस वर्ग में गढ़वाल राइफल्स एक्स-आर्मी टीम बनी विजेता
50 प्लस वर्ग के फाइनल मुकाबले में गढ़वाल राइफल्स एक्स-आर्मी टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड एफसी को 2–1 से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की।
गढ़वाल राइफल्स एक्स-आर्मी टीम की ओर से मनीष शर्मा और अमन ने गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की। वहीं, उत्तराखंड एफसी की ओर से सुरेंद्र पुन ने एकमात्र गोल किया।
गढ़वाल राइफल्स के राहुल बिजलवान को बेस्ट गोलकीपर तथा उत्तराखंड एफसी के अमन को बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल और नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता के विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों और टीमों को पूर्व भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी कमल सिंह रावत, राष्ट्रीय खिलाड़ी विमल सिंह रावत, मनोज नेगी, खड़क बहादुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने ट्रॉफी, मेडल, प्रमाणपत्र, बैग एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को क्रमशः ₹7,000 और ₹5,000 की नकद पुरस्कार राशि दी गई।
27 वर्षों से फुटबॉल के विकास में जुटी है डीएफए
डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से रेफरी वरुण चौहान, हिमांशु प्रजापति, हर्षित, मनोज, आशीष नेगी सहित अन्य सहयोगियों के योगदान की सराहना की।
डॉ. रावत ने कहा कि देहरादून फुटबॉल एकेडमी पिछले 27 वर्षों से प्रतिवर्ष विभिन्न आयु वर्गों की फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन करती आ रही है। इस प्रयास के माध्यम से हजारों युवाओं को फुटबॉल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं। एकेडमी ने खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच और रेफरी तैयार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे, फास्ट फूड और मोबाइल की अत्यधिक लत से दूर रखकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, अनुशासन सीखने और एक बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करता है। फुटबॉल के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना ही एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है।
1 नवंबर को इंडिया खेलो फुटबॉल का नॉर्थ जोन नेशनल ट्रायल
डॉ. रावत ने बताया कि आगामी 1 नवंबर 2026 को इंडिया खेलो फुटबॉल का नॉर्थ जोन नेशनल ट्रायल देहरादून फुटबॉल एकेडमी के ग्राउंड पर आयोजित किया जाएगा। यह ग्राउंड गूलर घाटी रोड स्थित भागीरथी एन्क्लेव, देहरादून में है।
इस ट्रायल में वर्ष 2009 से 2016 के बीच जन्मे फुटबॉल खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकेंगे। ट्रायल में चयनित खिलाड़ियों को दिसंबर में आयोजित होने वाले नेशनल ट्रायल में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके बाद चयनित खिलाड़ियों को पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित फाइनल सिलेक्शन प्रक्रिया में प्रतिभाग करने का अवसर दिया जाएगा।
डॉ. रावत ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया का उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने तथा देश-विदेश के पेशेवर फुटबॉल क्लबों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करना है, ताकि वे फुटबॉल में अपना बेहतर भविष्य बना सकें।
डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने सभी खिलाड़ियों से खेल भावना, अनुशासन और मेहनत के साथ फुटबॉल में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

