Homeराज्य समाचारउत्तराखंडसुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना जरूरी: गणेश जोशी

सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना जरूरी: गणेश जोशी

 

अल्ट्रा आईकॉन 2026 में देशभर के नेत्र विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों और उन्नत सर्जरी पद्धतियों पर किया मंथन

मसूरी, 23 अक्टूबर। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज मसूरी में हिमालयन नेत्र विज्ञान सोसायटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय अल्ट्रा आईकॉन 2026 में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने ज्ञानवर्धक संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अल्ट्रा आईकॉन 2026 पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आंखों के बिना जीवन का सारा सौंदर्य और प्रगति अधूरी है। समाज को दृष्टि प्रदान करने और लोगों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का कार्य करने वाले डॉक्टरों एवं विजन एक्सपर्ट्स की सेवा किसी पुनीत कार्य से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में तकनीक और नवाचार तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में अल्ट्रा आईकॉन 2026 जैसे सम्मेलन नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, उन्नत सर्जरी पद्धतियों और नवीनतम शोध पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।

मंत्री जोशी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवा सर्जनों और चिकित्सकों को वैश्विक स्तर की चिकित्सा पद्धतियों को सीखने, अपने अनुभव साझा करने और चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन और स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी राज्यों से अलग हैं। प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना आज भी एक बड़ी चुनौती है।

कैबिनेट मंत्री ने हिमालयन ऑप्थैल्मोलॉजी सोसायटी और देशभर से आए नेत्र विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में समय-समय पर निःशुल्क नेत्र शिविरों का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और शोध का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसका फायदा समाज के अंतिम छोर पर खड़े गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। निःशुल्क नेत्र शिविरों के माध्यम से मोतियाबिंद और दृष्टि दोष जैसी समस्याओं से पीड़ित ग्रामीणों को देवभूमि में ही बेहतर एवं आधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।

मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे सभी जनकल्याणकारी प्रयासों में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि अल्ट्रा आईकॉन 2026 में होने वाला शोध, विचार-विमर्श और अनुभवों का आदान-प्रदान नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगा तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में सहायक बनेगा।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, मोहन पेटवाल, डॉ. बी.के.ओली सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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