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उत्तराखंड में सीमांत क्षेत्र के बच्चों को मिलेगा विज्ञान और नवाचार का बड़ा मंच: बागेश्वर में होगा बाल विज्ञान महोत्सव

बागेश्वर में जुटेंगे बाल वैज्ञानिक, विज्ञान महोत्सव में दिखेगी नवाचार और जिज्ञासा की उड़ान

जलवायु परिवर्तन से AI तक, सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगी विज्ञान की नई दिशा

सीमांत जनपदों से उभरेंगे भविष्य के वैज्ञानिक, 9-10 अक्टूबर को बागेश्वर बनेगा विज्ञान का केंद्र

उत्तराखंड के पर्वतीय सीमांत क्षेत्रों से उठेगी विज्ञान, नवाचार और जिज्ञासा की नई उड़ान

बागेश्वर में 5वां सीमांत जनपद बाल विज्ञान महोत्सव-2026 का आयोजन
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), जो राज्य सरकार की वैज्ञानिक चेतना, नवाचार एवं वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाली नोडल संस्था है, द्वारा 5वें सीमांत जनपद बाल विज्ञान महोत्सव-2026 का आयोजन 9 एवं 10 अक्टूबर 2026 को विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मंडलसेरा, जनपद बागेश्वर में किया जा रहा है। सीमांत जनपद बाल विज्ञान महोत्सव यूकॉस्ट की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से उत्तराखंड के सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता, नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम राज्य के छह सीमांत जनपदों पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, चमोली, उत्तरकाशी एवं रुद्रप्रयाग में आयोजित किया जाता है तथा इसका समापन राज्य स्तरीय आयोजन के रूप में होता है। इस वर्ष महोत्सव का मुख्य विषय “आपदा जोखिम प्रबंधन योजनाओं में जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन एवं शमन रणनीतियों का एकीकरण” है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समकालीन क्षेत्रों, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा एवं हाइजीन से परिचित कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में उभरती वैज्ञानिक एवं तकनीकी चुनौतियों की समझ विकसित करना तथा उन्हें नवाचार एवं वैज्ञानिक समाधानों की दिशा में प्रेरित करना है।
महोत्सव के अंतर्गत कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्गों में विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेंगे। इनमें वैज्ञानिक कविता (हिंदी), वैज्ञानिक कविता (अंग्रेजी), वैज्ञानिक मॉडल, वैज्ञानिक क्विज एवं वैज्ञानिक नाटक प्रमुख हैं। कार्यक्रम का आयोजन क्रमिक रूप से विकासखंड, जनपद एवं राज्य स्तर पर किया जा रहा है, जिससे सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, विचारों, रचनात्मकता एवं नवाचार को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। यह पहल छह सीमांत जनपदों के 33 विकासखंडों के विद्यालयी विद्यार्थियों को लाभान्वित करेगी। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लगभग 250 बाल वैज्ञानिकों के साथ उनके एस्कॉर्ट शिक्षक, समन्वयक, विज्ञान प्रदर्शक एवं प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के प्रतिभाग करने की संभावना है। सीमांत बाल विज्ञान महोत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन पूर्व में भी सीमांत जनपदों में सफलतापूर्वक किया जाता रहा है। इसका प्रथम राज्य स्तरीय आयोजन चंपावत, द्वितीय चमोली, तृतीय पिथौरागढ़ तथा चतुर्थ आयोजन जवाहर नवोदय विद्यालय, रुद्रप्रयाग में किया गया था। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए यूकॉस्ट द्वारा 5वें सीमांत जनपद बाल विज्ञान महोत्सव-2026 का आयोजन जनपद बागेश्वर में किया जा रहा है। यह पहल राज्य के सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, अनुसंधान एवं नवाचार की संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महोत्सव में प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, नवाचारकर्ताओं, विज्ञान प्रदर्शकों एवं शिक्षकों की भी सहभागिता रहेगी। वे प्रतिभागी विद्यार्थियों से संवाद करेंगे तथा अपने ज्ञान, अनुभव एवं वैज्ञानिक कार्यों को साझा करेंगे। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, नवाचारों एवं उभरती तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। 5वें सीमांत जनपद बाल विज्ञान महोत्सव-2026 के माध्यम से यूकॉस्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता, नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करना तथा उत्तराखंड के सीमांत जनपदों के युवा विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन, आपदा जोखिम प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा एवं हाइजीन जैसी उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक एवं नवाचारी दृष्टिकोण अपनाने हेतु प्रेरित करना है।

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