
सीमांत नीति घाटी में पर्यटन विभाग, सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित हुई अनोखी पहल
चमोली। उत्तराखंड के सीमांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं ।तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है।
रविवार को कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सीमावर्ती गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इससे देश की द्वितीय रक्षा पंक्ति के रूप में इन गांवों की भूमिका भी और सशक्त होगी। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि आयोजन के पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी के बीच 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने भाग लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 धावकों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। आगामी दिनों में 5, 10 और 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। आयोजन के समापन पर गमसाली से मलारी तक 30 किलोमीटर एमटीबी (माउंटेन बाइक) चैलेंज प्रतियोगिता भी की जाएगी।इससे पहले शनिवार रात मलारी गांव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकगायक किशन महिपाल ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से माहौल को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। प्रतिभागियों और स्थानीय लोगों ने देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। इस अवसर पर दायित्वधारी हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, गृह सचिव शैलेश बगौली, पर्यटन सचिव धीराज गर्ज्याल, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।



