
देहरादून। देहरादून नगर निगम के नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने शुक्रवार को हर्रावाला स्थित वार्ड संख्या 97 के स्वच्छता एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति (रिसोर्स रिकवरी) केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था का विस्तृत अवलोकन किया तथा इसे शहर में स्वच्छता और सतत अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में एक उत्कृष्ट मॉडल बताया।



केंद्र का संचालन कर रही संस्था वेस्ट वॉरियर्स की ओर से नवीन कुमार सडाना ने नगर आयुक्त को केंद्र की कार्यप्रणाली, अपशिष्ट पृथक्करण प्रक्रिया, संसाधन पुनर्प्राप्ति (Resource Recovery) प्रणाली तथा विभिन्न प्रकार के कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 97 के घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से प्रतिमाह लगभग 25 मीट्रिक टन सूखा कचरा, 30 मीट्रिक टन गीला कचरा तथा 5 मीट्रिक टन घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग एकत्रित कर इस केंद्र तक पहुंचाया जाता है। यहां प्रत्येक श्रेणी के कचरे का वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप प्रसंस्करण एवं प्रबंधन किया जाता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों का पुनः उपयोग भी सुनिश्चित हो रहा है।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ देहरादून का लक्ष्य तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक स्रोत स्तर पर ही गीले, सूखे एवं घरेलू हानिकारक कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया से जुड़ें और नगर निगम के स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप मिल सके।
नगर आयुक्त ने कहा कि हर्रावाला का यह स्वच्छता केंद्र अन्य वार्डों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि देहरादून के अन्य वार्ड में भी इसी स्तर का आधुनिक एवं व्यवस्थित स्वच्छता केंद्र विकसित किया जाए, जिससे वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की यह व्यवस्था पूरे शहर में चरणबद्ध रूप से लागू की जा सके।
उन्होंने कहा कि नगर निगम पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के पुनः उपयोग और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है तथा नागरिकों के सहयोग से देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
