
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सख्ती, साहसी नागरिकों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान
वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन पर सरकार का फोकस, धामी ने दिए व्यापक निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य वन्यजीव बोर्ड और बाघ संचालन समिति की बैठक में दिए निर्देश, साहसिक नागरिकों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान
देहरादून, 24 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाए। साथ ही वन्यजीव हमलों में मृतक एवं घायलों के परिजनों को निर्धारित समय में मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।


बैठक में बताया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT), कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट और सोलर लाइट जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण, एआई आधारित निगरानी, प्राकृतिक जल स्रोतों और चारागाहों के विकास तथा वनाग्नि प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए विशेष क्यूआरटी टीम तैनात करने को भी कहा।
बैठक में राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में गैस पाइपलाइन, सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना और ऑप्टिकल फाइबर जैसी जनहित परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजने की अनुमति दी गई। साथ ही कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने और वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच पर भी चर्चा हुई।
