Homeराज्य समाचारउत्तराखंडमहान पर्वतारोही एवं अदम्य साहस के प्रतीक निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ की स्मृति...

महान पर्वतारोही एवं अदम्य साहस के प्रतीक निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ की स्मृति में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा आयोजित

वीर गोरखा की साहस, संघर्ष और प्रेरणादायी जीवनगाथा को किया गया याद, विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों को खुकरी भेंट कर किया सम्मानित

देहरादून, 9 अगस्त 2026।
महान पर्वतारोही, अदम्य साहस एवं जिजीविषा के प्रतीक निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ (वीर गोरखा) की स्मृति में आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, राजीव भवन, देहरादून में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ओबीसी महिला समन्वयक एवं उपाध्यक्ष गोरखा प्रकोष्ठ, उत्तराखंड पिया थापा की ओर से किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वीर पर्वतारोही निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ के साहस, समर्पण, संघर्ष और प्रेरणादायी जीवन को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत आत्मा की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके पश्चात निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ के साहसपूर्ण एवं प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पिया थापा ने कहा कि निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ केवल एक महान पर्वतारोही नहीं थे, बल्कि वे साहस, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और कभी हार न मानने की भावना के प्रतीक थे। उन्होंने जिस प्रकार दुनिया की कठिनतम पर्वत चोटियों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से नई मिसाल कायम की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
उन्होंने कहा कि वीर गोरखा समाज की पहचान सदैव साहस, शौर्य, मेहनत और देशसेवा से रही है। निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ ने अपने परिश्रम और असाधारण उपलब्धियों से गोरखा समाज के साथ-साथ पूरे देश और उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया। उनकी जीवन यात्रा हमें यह संदेश देती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी यदि लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं है।
पिया थापा ने कहा कि आज की श्रद्धांजलि सभा केवल एक महान पर्वतारोही को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों, उनके संघर्ष और उनके साहस को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी प्रयास है। उन्होंने कहा कि हमें निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ के जीवन से प्रेरणा लेते हुए युवाओं को साहस, अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करना चाहिए।
समाज की विभिन्न विभूतियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक, व्यावसायिक, राजनीतिक एवं जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न लोगों को गोरखाओं की वीरता और सम्मान का प्रतीक पारंपरिक ‘खुकरी’ भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर North East Kitchen Restaurant की अलीशा शर्मा, श्री जे.पी. भट्टराई जी, श्रीमती मीनू राणा
लाल चंद शर्मा जी, अधिवक्ता पंकज छेत्री जी, श्री रितेश छेत्री जी, श्री हेमंत थापा जी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय एवं समाज के लिए योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शहीद नीरज थापा जी की माता श्रीमती सीता थापा जी को भी सम्मानित करते हुए उपस्थित लोगों ने शहीद नीरज थापा के बलिदान को नमन किया और उनके परिवार के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। इस दौरान माहौल भावुक हो गया और उपस्थित लोगों ने शहीद के बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पिया थापा ने कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना समाज और हम सभी की जिम्मेदारी है। जिन माताओं ने अपने वीर सपूतों को देश के लिए समर्पित किया, उनके त्याग और साहस को कभी भुलाया नहीं जा सकता। सीता थापा जी का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले प्रत्येक शहीद परिवार का सम्मान है।
मीडिया प्रतिनिधियों का भी किया गया सम्मान
कार्यक्रम के सफल आयोजन और समाज की आवाज को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रिंट मीडिया के पत्रकारों एवं प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। पिया थापा ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज के विभिन्न मुद्दों, उपलब्धियों और संघर्षों को जनता के सामने रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित प्रिंट मीडिया के सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें भी सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि गोरखा समाज के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और वीरता की गाथाओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज की सकारात्मक गतिविधियों और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को लोगों तक पहुंचाने का काम मीडिया के माध्यम से और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
साहस और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ जैसे साहसी एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के जीवन से सीख लेकर समाज में साहस, एकता, सेवा, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया जाएगा।
पिया थापा ने कहा कि उत्तराखंड और गोरखा समाज की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों, इतिहास और गौरव से जोड़ने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने का काम करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस एवं उपलब्धियों को नमन किया।
“निर्मल पुर्जी ‘निम्सदाई’ हमारे बीच भले ही शारीरिक रूप से उपस्थित न हों, लेकिन उनका साहस, उनका संघर्ष और उनकी प्रेरणादायी गाथा सदैव जीवित रहेगी।”
कार्यक्रम का समापन “ॐ शांति” एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ हुआ।

Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News