Homeराज्य समाचारउत्तराखंडकन्या भ्रूण जांच पर डीएम की सख्ती: 218 अल्ट्रासाउंड केंद्रों की होगी...

कन्या भ्रूण जांच पर डीएम की सख्ती: 218 अल्ट्रासाउंड केंद्रों की होगी निगरानी

देहरादून में कम लिंगानुपात वाले गांव होंगे रेड जोन में शामिल

लिंगानुपात सुधारने के लिए डीएम सख्त, कम अनुपात वाले क्षेत्रों पर रहेगी नजर

डोईवाला और कालसी में कम लिंगानुपात पर विशेष निगरानी के निर्देश
भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीएम
देहरादून में लिंगानुपात सुधारने की कवायद तेज, गांवों के पांच साल के आंकड़ों की होगी जांच
मानक पूरे होने पर ही मिलेगा अल्ट्रासाउंड केंद्रों को पंजीकरण
तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों की मशीनें सील, निरीक्षण में मिली थीं अनियमितताएं
देहरादून का लिंगानुपात 937 पहुंचा, डोईवाला-कालसी में स्थिति चिंताजनक

 

*देहरादून,:जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जनपद में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और लिंगानुपात में सुधार को लेकर गंभीर मंथन किया गया।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कम लिंगानुपात वाले गांवों को चिह्नित कर रेड जोन बनाने, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी करने तथा भ्रूण के लिंग की जांच कराने और करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में लिंगानुपात की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के वर्ष 2025-26 के आंकड़ों में उत्तराखंड का लिंगानुपात 939 के मुकाबले देहरादून का लिंगानुपात 927 पाए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव के पिछले पांच वर्षों के लिंगानुपात संबंधी आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया जाए और असामान्य स्थिति वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनपद के सभी 218 क्रियाशील डायग्नोस्टिक एवं इमेजिंग केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा गर्भवती महिलाओं की प्रभावी ट्रैकिंग के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कन्या भ्रूण के लिंग की जांच कराने या करने वालों के विरुद्ध अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

मानकों के अनुरूप होने पर ही मिलेगा नया पंजीकरण-डीएम
बैठक में 10 नए अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण तथा 18 केंद्रों के नवीनीकरण के आवेदनों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पंजीकरण और नवीनीकरण से पहले उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रमाण पत्र, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की अनापत्ति, अग्निशमन सुरक्षा प्रमाण पत्र और जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण संबंधी अनुबंध की अनिवार्य रूप से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानक पूरे करने वाले केंद्रों को ही अनुमति दी जाए तथा आवश्यक अभिलेखों के अभाव में किसी भी केंद्र का पंजीकरण या नवीनीकरण न किया जाए।

इस वर्ष 117 केंद्रों का निरीक्षण, तीन की मशीनें सील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 218 क्रियाशील डायग्नोस्टिक एवं इमेजिंग केंद्र संचालित हैं, जिनमें 420 अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित हैं। जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन समिति ने सितंबर माह में 84 केंद्रों तथा वर्ष 2026 में अब तक कुल 117 केंद्रों का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तीन केंद्रों की मशीनें सील की गई हैं।

सीएमओ ने बताया कि इस वर्ष जिले के लिंगानुपात 927 से बढ़कर 937 हुआ है। जनपद में सबसे कम लिंगानुपात डोईवाला व कालसी में दर्ज किया गया है। वर्ष 2026-27 के आंकड़ों के अनुसार डोईवाला में 885, सहसपुर में 924, रायपुर में 949, कालसी में 887, विकासनगर में 1000 तथा चकराता में 1060 लिंगानुपात दर्ज किया गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, पीसीपीएनडीटी के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बिमलेश जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट, जिला शासकीय अधिवक्ता सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News