
के बैनर तले 8 मार्च 2026 से जारी अनशन आज 100 दिन पूरे कर रहा है। राज्य के 43 शहीदों के सपनों को सम्मान औऱ राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर समिति ने सोमवार, 15 जून 2026 को सुबह 11 बजे देहरादून के सहस्त्रधारा रोड, धरना स्थल, एकता विहार लेन-15 पर “भैंस के आगे बीन बजाना” कार्यक्रम का आयोजन किया है।
समिति के सदस्य एवं छात्रसंघ डीएवी के पूर्व महासचिव सचिन थपलियाल ने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता और 43 शहीदों के सम्मान से जुड़े इस आंदोलन को अब 100 दिन हो चुके हैं, लेकिन धामी सरकार अब भी मौन है। “गांव खाली हो रहे हैं, युवा पलायन कर रहे हैं, प्रकृति कराह रही है, लेकिन सरकार को कुछ सुनाई नहीं देता,” समिति का आरोप है।
प्रेस आमंत्रण जारी करते हुए समिति ने सभी पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित होकर सरकार की नींद तोड़ने में सहयोग करें। समिति के संरक्षक विनोद प्रसाद रतूड़ी जी ने दोहराया – “प्राण से प्राण तक, राजधानी गैरसैंण के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। जब तक गैरसैंण को राजधानी का सम्मान नहीं, तब तक संघर्ष नहीं होगा विराम।” मौजूद सदस्य सत्य प्रकाश कोटियाल,शैलेंद्र करगेटी, अनिल बहुगुणा, आंनद राम, कुलदीप अग्रवाल, मनमोहन शर्मा, राजेंद्र प्रसाद कंडवाल, पार्थ रतूड़ी हैं
