
अवकाश के दिन भी महिलाओं को रात 12 बजे से सुबह तक ड्यूटी, जबकि संतरी ड्यूटी चल रही है और ऑफिस बंद — फिर ड्यूटी क्यों? डिप्टी डायरेक्टर जनरल राजीव बलूनी का आदेश सवालों के घेरे में ?
देहरादून। होमगार्ड विभाग द्वारा जारी ड्यूटी रोस्टर अब गंभीर सवालों के घेरे में है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब संतरी ड्यूटी नियमित पहले से ही चल रही है और कई कार्यालय बंद हैं, तब सामान्य ड्यूटी इस तरह क्यों लगाई जा रही है? खासकर अवकाश (छुट्टी) वाले दिनों में महिला होमगार्ड स्वयंसेविकाओं को रात 12 बजे से सुबह तक की ड्यूटी सौंपी गई है, जबकि पुरुष होमगार्ड्स को अपेक्षाकृत आसान शिफ्ट (रात 10 बजे से) दी गई है।

दिनांक 5 जून 2025 के आदेश (सीजी -378/हो0गा0/2025/1508) के अनुसार, डिप्टी डायरेक्टर जनरल होमगार्ड राजीव बलूनी के कार्यकाल में जारी इस रोस्टर में होमगार्ड नंबर वाली कई महिला स्वयंसेविकाओं को अवकाश के दिन भी मध्यरात्रि 12 बजे से सुबह 8 बजे तक की लगातार ड्यूटी दी गई है।
मुख्य सवाल:
• संतरी ड्यूटी पहले से चल रही है और ऑफिस बंद हैं, फिर अतिरिक्त ड्यूटी का क्या औचित्य है?
• अवकाश के दिन भी महिला होमगार्ड्स को रात्रि ड्यूटी क्यों?
• महिला कर्मियों की स्वास्थ्य, सुरक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियों को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है?
• डिप्टी डायरेक्टर जनरल राजीव बलूनी ने रोस्टर बनाते समय इन संवेदनशील मुद्दों पर विचार क्यों नहीं किया?
• ऐसा क्या राज छुपा है होमगार्ड मुख्यालय में ?
होमगार्ड विभाग के नियमों में महिला स्वयंसेविकाओं की रात्रि ड्यूटी, खासकर अवकाश वाले दिनों में, विशेष दिशा-निर्देश होते हैं। कई महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां भी संभाल रही हैं। संतरी ड्यूटी चलते हुए और ऑफिस बंद होने के बावजूद उन्हें सबसे कठिन रात्रि ड्यूटी सौंपना उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जोखिम भरा है।
महिला होमगार्ड्स की आवाज:
“संतरी ड्यूटी तो चल ही रही है, ऑफिस बंद हैं, फिर छुट्टी के दिन रात 12 बजे से ड्यूटी क्यों? हम राष्ट्रपति दौरे की सुरक्षा में योगदान देने को तैयार हैं, लेकिन विभाग हमारी सुरक्षा और आराम की भी जिम्मेदारी ले।”
