
डोईवाला (देहरादून), 30 जून 2026। साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से बन रही नहर की पोल सिर्फ दो दिन में खुल गई। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के बुल्लावाला गांव में सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे नहर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। निर्माण पूरा होते ही नहर की दीवारों से कई जगहों पर पानी रिसने लगा है।
स्थानीय किसानों का आरोप है कि नहर में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ठेकेदार द्वारा सीमेंट और सरिया में कटौती की गई है, जिससे नहर बनते ही जर्जर हो गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि यही हाल रहा तो खेतों तक पानी पहुंचने से पहले ही नहर जवाब दे जाएगी।
*सब-कॉन्ट्रैक्टिंग की चेन पर उठे सवाल*
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुख्य ठेकेदार ने काम को दूसरे और फिर तीसरे ठेकेदार को सौंप दिया। इस चेन सिस्टम में गुणवत्ता का ध्यान रखना लगभग नामुमकिन हो गया है। ऐसे में सिंचाई विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
*किसानों और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया*
सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान मंगल सिंह रोथान ने कहा, “नहर को बने 48 घंटे भी नहीं हुए और दीवारों से पानी टपक रहा है। साफ है कि सीमेंट और सरिया में कटौती की गई है। हमारी फसलें बर्बाद हो जाएंगी, लेकिन विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।”
*स्थानीय किसान विजेंदर राणा ने आरोप लगाया*, “यह नहर किसानों के लिए नहीं, ठेकेदारों की कमाई के लिए बन रही है। मुख्य ठेकेदार ने काम आगे बेच दिया। तीसरा ठेकेदार सिर्फ पैसा बचाने में लगा है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”
*भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल ने कहा,*“सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर भ्रष्टाचार हावी है। बुल्लावाला की नहर सरकारी पैसे की बर्बादी का जीता-जागता उदाहरण है। मैं सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मांग करता हूं कि तुरंत निर्माण कार्य रोककर दोषी ठेकेदार व लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।”
