एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर बैंक खातों को तुरंत होल्ड करने और पीड़ितों की राशि सुरक्षित करने पर जोर
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड अजय सिंह की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर अपराध के पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत राष्ट्रीय वित्तीय हेल्पलाइन 1930 कंट्रोल रूम के माध्यम से साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों को होल्ड कर पीड़ितों की धनराशि बचाने की त्वरित कार्यवाही की जा रही है।
विज्ञप्ति के अनुसार, माह अक्टूबर के पहले 15 दिनों (1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026) में 1930 कंट्रोल रूम के जरिए साइबर अपराध पीड़ितों की ₹1.98 करोड़ की धनराशि बचाई गई। इस दौरान कई मामलों में शिकायत मिलते ही संबंधित नोडल अधिकारियों के माध्यम से खातों को होल्ड कराया गया।
प्रमुख मामलों में ऋषिकेश की काश्मी शर्मा की ₹1.54 लाख में से ₹1.10 लाख, रामनगर के रितेश कुमार की पूरी ₹81,998, पंतनगर के देव सिंह की ₹97,993 में से ₹66,409, बनभुलपुर के मुजीबुर्रहमान की पूरी ₹1.58 लाख, पटेलनगर के इरशाद की पूरी ₹5.64 लाख, खटीमा के विवेक सिंह राणा की ₹1.96 लाख में से ₹1.32 लाख, कालादूंगी के किशन नाथ की पूरी ₹51,070, रामनगर के नवीन चंद्र पांडे की ₹3.67 लाख में से ₹2.25 लाख, नेहरू कॉलोनी के मनोज नौटियाल की ₹4.42 लाख में से ₹3.88 लाख तथा काशीपुर के आदेश गुप्ता की पूरी ₹6.30 लाख की राशि होल्ड कराई गई।
एसएसपी अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग के लिए न दें। कमीशन के लिए किराए पर खाता देना अपराध है। एटीएम कार्ड, ओटीपी, पिन, यूपीआई पिन साझा न करें। अज्ञात धनराशि आने पर तुरंत बैंक या पुलिस को सूचित करें। अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें और कोई सूचना या दस्तावेज न दें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दे तो घबराएं नहीं। कोई भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तार नहीं करती। लोकलुभावने अवसरों, फर्जी साइटों या धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आएं। गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नंबर सर्च न करें। इन्वेस्टमेंट स्कैम में छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतने और फिर भारी रकम निवेश कराने की चाल से बचें। शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। वित्तीय साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 नंबर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

