
पूर्व मंत्री एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा विनोद प्रसाद भट्ट , अर्जुन पासी ओमप्रकाश ,राकेश सहित प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से कर एनजीटी के आदेश के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राजकीय प्राथमिक विद्यालय को अवैध अतिक्रमण बताकर की जा रही तोड़फोड़, बरातघर एवं शौचालय तथा अन्य स्थानों पर प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही स्थल का पुनः निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन करने तथा सत्यापन पूरा होने तक विद्यालय को न हटाने की मांग उठाई गई।
विद्यालय के ध्वस्तीकरण से वर्तमान में यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे 300 से अधिक बच्चों का भविष्य और उनकी शिक्षा गंभीर रूप से प्रभावित होगी। यदि विद्यालय को तोड़ा जाता है, तो इन विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होगी और उनके सामने शिक्षा जारी रखने का संकट खड़ा हो जाएगा। बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विद्यालय को सुरक्षित रखा जाना चाहिए तथा उनके शिक्षा के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए।दोनों विद्यालयों की ओर से भी इस आदेश के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
चकराता विधायक प्रीतम सिंह जी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े संस्थानों पर बिना पूर्ण सत्यापन और वास्तविक स्थिति का आकलन किए कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने और जनहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि विद्यालय, बरातघर और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं आम जनता की आवश्यकता हैं। यदि कहीं कोई विवाद है तो पहले निष्पक्ष जांच और पुनः सर्वे कराया जाए, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि प्रशासन को एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की बात सुनकर वास्तविक तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और आमजन की सुविधाएं प्रभावित न हों।
