बिजली विभाग पर लगा लापरवाही का आरोप
रामनगर । नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के करनपुर गांव में सोमवार सुबह बिजली लाइन से निकली चिंगारी ने किसानों की मेहनत को चंद मिनटों में स्वाहा कर दिया। 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन में जम्फर फटने से लगी आग ने करीब 12 बीघा में खड़ी गेहूं की पूरी फसल जलाकर राख कर दी।
ग्रामीणों के अनुसार, आग लगने की मुख्य वजह बिजली विभाग की लापरवाही है। पीड़ित किसान किशन कुमार ने बताया कि एक दिन पहले ही उन्होंने बिजली विभाग को शॉर्ट सर्किट की शिकायत दी थी, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मंगलवार सुबह जब लाइन में जम्फर फटा, तो चिंगारी सीधे खेत में गिर गई और देखते-ही-देखते आग पूरे खेत में फैल गई।
किशन कुमार ने बताया, “महज एक मिनट के अंदर पूरी फसल जलकर खाक हो गई। हम कुछ समझते, उससे पहले सब कुछ खत्म हो चुका था।”
आग लगते ही गांव वालों ने पानी की बाल्टियों से और ट्रैक्टर चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद अग्निशमन विभाग और जल संस्थान समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। जल संस्थान के जेई ने पानी के टैंकर उपलब्ध न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।
किशन शर्मा और धर्मवीर शर्मा सहित अन्य प्रभावित किसानों ने बताया कि इस हादसे से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।
काफी देर बाद मौके पर पहुंचे पटवारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
“एक दिन पहले शिकायत की थी, कोई नहीं आया। चिंगारी निकली और एक मिनट में 12 बीघा फसल जल गई। हमारी पूरी मेहनत बर्बाद हो गई। सरकार से मुआवजे की गुहार है।”
यह घटना किसानों की मजबूरियों को फिर से उजागर करती है। गेहूं की कटाई से ठीक पहले ऐसी घटनाएं किसानों के लिए दोहरी मार साबित हो रही हैं।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। बिजली विभाग, अग्निशमन और जल संस्थान की लापरवाही की जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
