Homeराज्य समाचारभाजपा शासन में दलितों के विरुद्ध बढ़ती बरबर्ता, गरिमा के अधिकार का...

भाजपा शासन में दलितों के विरुद्ध बढ़ती बरबर्ता, गरिमा के अधिकार का हनन और प्रशासनिक उदासीनत: -मदन लाल

 

भाजपा शासन में दलितों के विरुद्ध बढ़ती बरबर्ता, गरिमा के अधिकार का हनन और प्रशासनिक उदासीनता। क्या यह 21वीं सदी का भारत है, जहाँ आज भी एक दलित कों जूते की माला पहनाकर घुमाया जाता है? -मदन लाल

दिनांक 14 जून, 2026
प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए टिहरी जनपद में दलित युवक की निर्मम हत्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत का संविधान हमें एक सभ्य समाज की गारंटी देता है, जहाँ संविधान का अनुच्छेद 14 (समानता) और अनुच्छेद 21 (गरिमा पूर्वक जीना) प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार हैं। लेकिन उत्तराखंड की स्थिति आज भयावह है। देवभूमि का ताना-बाना जातिगत कट्टरता से तार-तार हो रहा है। हम दलितों को अपमानित करने और उनके जीवन केा खतरे में डालने वाली घटनाओं के खिलाफ हें।
8 जून 2026 को टिहरी के देवल गांव निवासी केतन लाल की लोहे की कीलें दागते हुए निर्मम हत्या ने साबित कर दिया है कि धामी सरकार में उत्तराखंड में दलितों के प्रति नफरत की राजनीति कि कदर हाबी है। यह न केवल एक निर्मम हत्या है बल्कि दलित समाज को लक्षित किया गया घृणित अपराध भी है। यदि प्रदेश की सरकार ने इस पर कठोर कार्रवाई की होती तो 12 जून को मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र चम्पावत में एक दलित युवक को जूते की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं होना पडता। यह न केवल उस दलित युवक का अपमान था बल्कि पूरे दलित समाज की गरिमा पर भी करारा प्रहार है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 में अस्पृश्यता का भी खुला उल्लंघन था।
इससे पूर्व भी वर्ष 2019 में टिहरी जनपद में ही एक दलित युवक की इसलिए हत्या कर दी गई कि उसने कुर्सी पर बैठकर खाना खाने की जुर्रत की थी। यही नहीं वर्ष 2021 में चम्पावत जिले में ही एक युवक की इसलिए हत्या कर दी जाती है कि उसने सवर्णों की बारात में अपने हाथ से खाना निकालने का गुनाह कर दिया था। चम्पावत जिले में ही एक स्कूल में सवर्ण जाति के बच्चों ने दलित जाति की महिला के हाथ का बना मिड-डे मील खाना खाने से इनकार करना इसी जातिवाद का सूचक है।
हमारे संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को आत्म सम्मान के साथ जीने का अधिकार देेता है। दलित समाज के व्यक्ति को जूते की माला पहना कर या जातिसूचक टिप्पणी कर इस अनुच्छेद की हत्या माना जाता है। अनुच्छेद 46 राज्य सरकार को उसके कर्तव्य बताता है कि दलित समाज को सामाजिक रूप से होने वाले अन्यायों से बचाया जाय परन्तु इस पर भाजपा सरकार या तो मौन हो जाती है या मात्र खानापूर्ति करती दिखाई देती है।
कांग्रेस पार्टी टिहरी और चम्पावत की घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करने के साथ ही जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करती है तथा सरकार को चेतावनी देना चाहती है कि यदि दलित समाज पर अत्याचार बंद नहीं हुए तो इसके लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा तथा जब तक इन्हें न्याय नहीं मिलेगा तब तक अपनी आवाज मुखर रखेगी।
मदन लाल ने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग दिनांक 15 जून 2026 को प्रातः 10ः30 बजे से घंटाघर स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के नीचे धरना देकर अपना विरोध दर्ज करेगा। पत्र वार्ता में अनुसूचित विभाग देहरादून के महानगर अध्यक्ष करण घाघट के प्रदेश महामंत्री संजय गौतम,धर्मपाल घाघट प्रदेश उपाध्यक्ष नोहर सिंह साथ रहे !

मदन लाल
प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग, उत्तराखंड

Static 1 Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News