उत्तराखंड में उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बाल तस्करी से आजादी 3.0 अभियान के तहत चलाया जाएगा जागरूकता अभियान. डा. गीता खन्ना, मा. अध्यक्ष, उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा कि भारत को बाल तस्करी जैसे गम्भीर अपराधों से मुक्त कराने हेतु Prevention of Child Trafficking अभियान के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष एक माह विशेष रूप से मनाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी “बाल तस्करी से आज़ादी 3.0” अभियान के तहत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सहयोग से एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाए जाने हेतु समस्त सीमावर्ती जनपदों के उपायुक्त/जिलाधिकारियों को विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर उक्त अभियान का शुभारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अभियान के अंतर्गत निर्देशित किया गया है कि—
बाल तस्करी की रोकथाम संबंधी जानकारी प्रमुख स्थानों जैसे बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बाज़ारों आदि पर बैनर, पोस्टर एवं जनघोषणा (हिंदी, अंग्रेज़ी अथवा क्षेत्रीय भाषा में) के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित की जाए।
बच्चों के बीच बाल तस्करी, उसकी रोकथाम एवं घटना घटित होने की स्थिति में की जाने वाली आवश्यक कार्यवाही संबंधी जानकारी का प्रसार किया जाए।
अभियान को लोकप्रिय बनाने हेतु इसका स्थानीय प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में *_व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।
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बाल तस्करी की रोकथाम हेतु मा. अध्यक्ष महोदया द्वारा भारतीय रेल मंत्री एवं यातायात मंत्री को पत्र प्रेषित कर सुझाव एवं अनुरोध_ **किया गया है कि भारतीय रेल में नाबालिग बच्चों के आवागमन पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके लिए सीट आरक्षण फार्म (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों) में यात्रा करने वाले बच्चे के अभिभावक का नाम, पहचान पत्र विवरण एवं संपर्क सूत्र अंकित करना अनिवार्य किया जाए। साथ ही यात्रा के दौरान संबंधित नाबालिग की जिम्मेदारी रेलवे टिकट निरीक्षक को सौंपते हुए उन्हें इस संबंध में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे बाल तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पूर्व में भी श्री गुरुप्रीत सिंह, अध्यक्ष, चैरिटी एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोग को दिए गए ज्ञापन के क्रम में आयोग ने संबंधित अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर बाल तस्करी पर सख्त कदम उठाने हेतु निर्देश जारी किए हैं।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा “बाल तस्करी से आज़ादी 3.0” के तहत चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
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