
बेंगलुरु, 23 जुलाई 2026। अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी समिति (पंजी.), नई दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आज गांधी भवन, कुमार पार्क, बेंगलुरु में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के एकत्रीकरण के साथ हुआ। इसके उपरांत शेषाद्रिपुरम कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ “स्वतंत्रता की विरासत: प्रेरणादायी कथाएँ, राष्ट्रीय मूल्य एवं विकसित भारत का विज़न “विषय पर प्रेरणादायी संवाद आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. वोडे पी. कृष्णा, अध्यक्ष, गांधी पीस फाउंडेशन एवं गांधी भवन तथा महासचिव, शेषाद्रिपुरम एजुकेशन सोसाइटी के मार्गदर्शन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों से राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
इसके पश्चात समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें स्वर्गीय श्री रवींद्र येलनूरकर के निधन के उपरांत कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति, निष्क्रिय पदाधिकारियों को पदमुक्त करने तथा समिति के भावी कार्यक्रमों एवं राष्ट्रीय एजेंडा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के देहरादून से श्रीमती आशा लाल, राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। साथ ही 106 वर्षीय वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी श्री आर. डी. कलघटगी (बेलगावी) तथा 96 वर्षीय वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी श्री भगवान पुरी हरिबा (कलबुर्गी) की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गौरव प्रदान किया।
बैठक का आयोजन समिति के महासचिव एवं कोषाध्यक्ष श्री अप्पाराव एस. नवले तथा श्री बसवराज हट्टीगौड़र (बेलगावी) के संयोजन में सम्पन्न हुआ।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से निम्नलिखित छह महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए—
1. युवा रोजगार: शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं में बढ़ती निराशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकारों से विशेष रोजगार एवं कौशल विकास योजनाएँ प्रारम्भ करने की मांग की गई। साथ ही स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण हेतु जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
2. वैश्विक संघर्षों का प्रभाव: रूस–यूक्रेन तथा इज़राइल–अमेरिका–ईरान संघर्षों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था, ईंधन की कीमतों एवं महँगाई पर पड़ रहे प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार से विश्व शांति एवं संवाद की नीति को आगे बढ़ाने तथा विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
3. राजनीतिक प्रतिनिधित्व: समिति ने पुनः मांग की कि मान्यता प्राप्त स्वतंत्रता सेनानियों की केवल अगली पीढ़ी को राज्यसभा में मनोनीत किया जाए तथा लोकसभा में उपयुक्त प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण प्रदान किया जाए।
4. आधिकारिक पहचान: केंद्र एवं राज्य सरकारों से स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को “स्वतंत्रता सेनानी परिवार” का आधिकारिक दर्जा प्रदान करते हुए एक समान राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करने की मांग की गई।
5. कल्याणकारी सुविधाएँ: स्वतंत्रता सेनानियों की अगली पीढ़ी के लिए निःशुल्क एवं रियायती चिकित्सा सुविधा, हवाई, रेल एवं बस यात्रा में रियायत, व्यवसाय हेतु कम ब्याज पर ऋण तथा शासकीय कार्य से नई दिल्ली आने पर राज्य भवनों में वर्ष में तीन बार, प्रत्येक बार सात दिन तक निःशुल्क आवास उपलब्ध कराने की मांग की गई।
6. राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल: समिति ने निर्णय लिया कि इन मांगों को लेकर एक राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों एवं सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भेंट कर ज्ञापन सौंपेगा।
बैठक के अंत में समिति ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवशाली विरासत का संरक्षण, उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण की रक्षा तथा युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक रूप से जोड़ना एक सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
