Homeराज्य समाचारउत्तराखंडअंग्रेजी साहित्य शोध पत्रिका 'क्रिएटिव राइटिंग एंड क्रिटिसिज्म' का नया अंक प्रकाशित: ...

अंग्रेजी साहित्य शोध पत्रिका ‘क्रिएटिव राइटिंग एंड क्रिटिसिज्म’ का नया अंक प्रकाशित:  दिवंगत शिक्षाविद् डॉ. सुरेश नाथ को किया समर्पित

कोटद्वार/ अंग्रेजी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित छमाही शोध पत्रिका ‘क्रिएटिव राइटिंग एंड क्रिटिसिज्म’ (ISSN 0975-2390) का नया अंक सफलतापूर्वक प्रकाशित हो गया है। शोधपरक लेखों और रचनात्मक लेखन से समृद्ध इस अंतरराष्ट्रीय जर्नल का संपादन देश के प्रतिष्ठित विद्वानों की समिति द्वारा किया गया है।
इस जर्नल के संपादक मंडल में डॉ. वर्षा सिंह (अंग्रेजी विभाग, पी.डी.बी.एच. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार), डॉ. प्रदीप तालान (अंग्रेजी विभाग, गुलाब सिंह हिंदू पी.जी. कॉलेज, बिजनौर, उत्तर प्रदेश), डॉ कल्पना राजपूत ( अंग्रेज़ी विभाग, ज्योति विद्यापीठ वोमेन यूनिवर्सिटी जयपुर राजस्थान).डॉ. वीरेंद्र कुमार मिश्रा (अंग्रेजी विभाग, मिलत कॉलेज, लहरियासराय, दरभंगा) और डॉ. सुनील कुमार झा (अंग्रेजी विभाग, वनस्थली विद्यापीठ) शामिल हैं।

पत्रिका का यह अंक अंग्रेजी साहित्य के महान हस्ताक्षर, प्रख्यात शिक्षाविद् और जे.एस. (पी.जी.) कॉलेज, सिकंदराबाद के पूर्व प्राचार्य दिवंगत डॉ. सुरेश नाथ के विज़न और उनकी शैक्षणिक विरासत को समर्पित किया गया है।
चार दशकों से अधिक के अपने शिक्षण करियर में डॉ. सुरेश नाथ ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने अनेक पी.एचडी. शोधार्थियों और यूजीसी टीचिंग फेलोज का कुशल मार्गदर्शन किया। वे विश्वविद्यालय की कई प्रतिष्ठित समितियों के सदस्य रहे, जहाँ उन्होंने पाठ्यक्रम निर्माण और शिक्षा नीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एक उत्कृष्ट शिक्षाविद् होने के साथ-साथ डॉ. नाथ एक प्रख्यात कवि और समीक्षक भी थे। उनकी कृतियाँ जैसे ‘डी.एच. लॉरेंस: द ड्रामेटिस्ट’ और कविता संग्रह ‘बबलिंग लाइफ, बट…’, ‘बिट्रेयल’ और ‘व्हाट कैन वी डू’ साहित्य जगत में काफी लोकप्रिय हैं। विश्व कविता में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें इंटरनेशनल पोएट्स एकेडमी द्वारा ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से भी सम्मानित किया गया था। वह एक समर्पित एनसीसी (NCC) अधिकारी भी रहे।
साल 2020 में उनके निधन के बाद भी उनका अकादमिक योगदान और मार्गदर्शन आज की पीढ़ी के शोधार्थियों को प्रेरित कर रहा है। संपादक मंडल ने जर्नल के इस प्रकाशन को उनके समृद्ध शैक्षणिक योगदान के प्रति एक सम्मान बताया है।

Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News