व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक वेब टेक्नोलॉजी, कोडिंग एवं लाइव प्रोजेक्ट्स की दी गई जानकारी, प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर किया गया सम्मानित


*माया देवी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कंप्यूटर इंजीनियरिंग एंड एप्लीकेशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय वेब डेवलपमेंट कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। 28 अक्टूबर से प्रारंभ हुई इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक वेब डेवलपमेंट तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना था*। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को लगभग 8 घंटे का हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया गया जिसमें उन्होंने वेब डेवलपमेंट से जुड़ी विभिन्न तकनीकों, कोडिंग प्रक्रियाओं तथा वेबसाइट निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा।
*कार्यशाला की टेक्निकल ट्रेनर निशा पाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि तीन दिनों के दौरान विद्यार्थियों ने काफी उत्साह और रुचि के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया। हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस और लाइव प्रोजेक्ट्स के माध्यम से उन्हें वेब डेवलपमेंट की बुनियादी एवं महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में स्वयं प्रोजेक्ट तैयार करने का आत्मविश्वास विकसित होता है तथा वे अपने तकनीकी ज्ञान को वास्तविक कार्यों में लागू करना सीखते हैं*। उन्होंने प्रतिभागियों को आगे भी नियमित अभ्यास करने और नई तकनीकों के साथ स्वयं को अपडेट रखने की सलाह दी।
*इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) त्रिप्ति जुयाल सेमवाल ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। वेब डेवलपमेंट जैसे विषय विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया की कार्यप्रणाली समझने और अपनी रचनात्मक क्षमताओं को तकनीकी रूप देने का अवसर प्रदान करते हैं।* विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ ऐसे अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।
*विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) आशीष सेमवाल ने कहा कि आज का युग डिजिटल तकनीक और नवाचार का युग है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए केवल पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना भी जरूरी है। इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, तार्किक सोच, समस्या समाधान और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए स्कूल ऑफ कंप्यूटर इंजीनियरिंग एंड एप्लीकेशन की टीम एवं प्रशिक्षक को बधाई देते हुए* विद्यार्थियों को निरंतर नई तकनीकों को सीखने के लिए प्रेरित किया।
*कार्यक्रम के समापन अवसर पर डीन प्रो. (डॉ.) आर. बी. सिंह ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक डिजिटल परिवेश में वेब डेवलपमेंट, प्रोग्रामिंग और तकनीकी दक्षता जैसे कौशल विद्यार्थियों के करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।* उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे शिक्षा पूर्ण करने के बाद रोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
*कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि लाइव प्रोजेक्ट्स और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से उन्हें वेब डेवलपमेंट की बारीकियों को समझने तथा अपने तकनीकी कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिला।*
, इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट प्रो डॉ तृप्ति जुयाल सेमवाल, वाइस चांसलर प्रो डॉ आशीष सेमवाल, रजिस्ट्रार श्रीमती अंबिका जुयाल, डीन एकेडमिक्स प्रो डॉ आर बी सिंह, प्रिंसिपल बीएड डॉ. सीता जुयाल सहित स्कूल ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन के शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।

