Homeराज्य समाचारउत्तराखंडमहिला सम्मान केवल आयोजन नहीं, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिबद्धता बने: वैभव वालिया 

महिला सम्मान केवल आयोजन नहीं, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिबद्धता बने: वैभव वालिया 

 

उत्तराखंड की मातृशक्ति ने अपने संघर्ष, साहस और संकल्प से देश-दुनिया में बनाई विशिष्ट पहचान: वैभव वालिया

तीलू रौतेली से बछेंद्री पाल तक, उत्तराखंड की नारी शक्ति का गौरवगान

राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया के नेतृत्व में कारगी चौक स्थित वेडिंग पॉइंट में आयोजित हुआ महिला सम्मान कार्यक्रम

आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय संचार सचिव श्री वैभव वालिया के नेतृत्व में देहरादून के कारगी चौक स्थित एक वेडिंग पॉइंट में महिला सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा, परिश्रम, संघर्ष और नेतृत्व क्षमता से विशिष्ट पहचान बनाने वाली महिलाओं के योगदान को सम्मान देना तथा महिला सशक्तीकरण, समानता और अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करना रहा।

इस अवसर पर उत्तराखंड की गौरवशाली परंपरा और यहां की नारी शक्ति के अदम्य साहस का स्मरण करते हुए वैभव ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान केवल अपने प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक विरासत से ही नहीं, बल्कि यहां की उन साहसी महिलाओं से भी है, जिन्होंने अपने संघर्ष, त्याग और नेतृत्व से इतिहास रचा है।
उत्तराखंड की धरती ने ऐसी अनेक वीरांगनाओं और कर्मठ महिलाओं को जन्म दिया है, जिनका जीवन आज भी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। वीरांगना तीलू रौतेली ने अदम्य शौर्य और पराक्रम का परिचय देकर यह साबित किया कि साहस और नेतृत्व की कोई सीमा नहीं होती। चिपको आंदोलन की अग्रणी महिला गौरा देवी ने जंगलों की रक्षा के लिए अपने दृढ़ संकल्प से पूरी दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं, हंसा धनाई जैसी प्रतिभाशाली महिलाओं ने अपने कार्यों से उत्तराखंड की पहचान को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली बछेंद्री पाल ने अपने साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से देश की बेटियों के सामने सफलता का नया प्रतिमान स्थापित किया।

इनके अतिरिक्त उत्तराखंड की अनेक महिलाओं ने शिक्षा, संस्कृति, साहित्य, खेल, राजनीति, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन सभी महिलाओं की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि अवसर, सम्मान और सहयोग मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में असाधारण सफलता हासिल कर सकती हैं।

कार्यक्रम में मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने इस बात पर जोर दिया गया कि महिला सम्मान केवल एक आयोजन या औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिबद्धता का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबर की भागीदारी सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

कांग्रेस पार्टी का मानना है कि किसी भी समाज और राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब वहां की महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर प्राप्त हों। महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ-साथ उनके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उत्तराखंड की नारी शक्ति ने हमेशा विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष, स्वाभिमान और आत्मविश्वास की मिसाल पेश की है। आज आवश्यकता है कि हम इस गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेते हुए ऐसा समाज निर्मित करें, जहां प्रत्येक बेटी को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले और प्रत्येक महिला अपने अधिकारों, सम्मान तथा सुरक्षा के प्रति आश्वस्त हो।

महिला सम्मान कार्यक्रम इसी संकल्प को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रवक्ता मंजू त्रिपाठी पीयूष गौड़, के के शास्त्री,गोपाल गौतम नौटियाल आयुष नेहरा इत्यादि मौजूद रहे।

गौतम नौटियाल

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