बाल विधानसभा में गूंजेगी बच्चों की आवाज,विनय जोशी को मिली बाल मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी
बाल मंत्रिमंडल का गठन, सौरभ बहुगुणा ने बच्चों को दिलाया जनसेवा का संदेश
पंचम उत्तराखंड बाल विधानसभा 2026-27 में बाल मंत्रिमंडल का गठन एवं शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
पंचम उत्तराखंड बाल विधानसभा 2026-27 के अंतर्गत दिनांक 13.10.2026 को बाल मंत्रिमंडल के गठन एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा जी की गरिमामयी उपस्थिति में नवनिर्वाचित बाल मंत्रिमंडल के सदस्यों को उनके पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा जी ने अपने बहुमूल्य समय से उपस्थित होकर नवगठित बाल मंत्रिमंडल के सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। बाल विधानसभा के माध्यम से बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता तथा शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली से परिचित कराने का प्रयास किया गया। बाल मंत्रिमंडल में बाल मुख्यमंत्री, बाल अध्यक्ष, बाल नेता प्रतिपक्ष सहित विभिन्न विभागों के बाल मंत्रियों का चयन किया गया। सभी नवनिर्वाचित सदस्यों ने अपने-अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा जनहित से जुड़े विषयों के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बाल विधानसभा के निर्वाचित प्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने, जनसमस्याओं को सदन में उठाने तथा समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस क्रम में नवनिर्वाचित मंत्रीमण्डल में कु0 विनय जोशी, बाल मुख्यमंत्री, कु0 कमल सिंह मटियाली, बाल स्पीकर, कु0 प्रज्ञान पाण्डेय, बाल नेता प्रतिपक्ष, सुश्री रिधिमा बाल गृहमंत्री, सुश्री वैशाली नेटवाल, बाल महिला एंव बाल विकास मंत्री, कु0 अंशुमान, बाल शिक्षा, खेल एंव युवा कल्याण मंत्री, कु0 विकास, बाल आपदा प्रबन्धन एंव समाज कल्याण मंत्री, कु0 सक्षम नेगी, बाल स्वास्थ्य एंव स्वच्छता मंत्री, सुश्री स्नेहा, बाल श्रममंत्री, सुश्री किरण पांडेय कृषि, मत्स्य एवं सूचना प्रसारण तथा सुश्री राशि को वन एवं पर्यावरण विभाग का दायित्व प्रदान किया गया।
माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा जी ने नवगठित बाल मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि बाल विधानसभा बच्चों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, जनसेवा और नेतृत्व के मूलभूत सिद्धांतों को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे राजनीति को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखें तथा इसे समाज और राष्ट्र के हित में अच्छे कार्य करने का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य जनकल्याण, समाज में सकारात्मक परिवर्तन तथा लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने सभी बाल मंत्रियों को ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रेरणा देते हुए अपना आशीर्वचन प्रदान किया।
माननीय डॉ. गीता खन्ना, अध्यक्ष, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपने संबोधन में बाल विधानसभा को बच्चों की लोकतांत्रिक समझ, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना के विकास का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। बाल विधानसभा के माध्यम से बच्चे जनसमस्याओं को समझने, उनके समाधान के लिए विचार प्रस्तुत करने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की सीख प्राप्त करते हैं। उन्होंने नवगठित बाल मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को शुभकामनाएँ देते हुए बाल अधिकारों के संरक्षण, सुरक्षित वातावरण के निर्माण तथा बच्चों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल द्वारा नवगठित बाल मंत्रिमंडल के साथ प्रथम सत्र के रूप में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित कराया गया। इस सत्र में बच्चों को अपने विचार व्यक्त करने, प्रश्न पूछने तथा विभिन्न विषयों पर अपनी समझ विकसित करने का अवसर मिला। प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, मंत्रिमंडल की भूमिका एवं दायित्वों तथा जनहित से जुड़े विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में आयोग के माननीय सदस्य श्री दयाल सिंह बिष्ट भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर बच्चों को साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्हें इंटरनेट और सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, अपनी व्यक्तिगत जानकारी एवं पासवर्ड गोपनीय रखने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। बच्चों को किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में अपने अभिभावकों अथवा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सूचित करने की सलाह भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्लान इंडिया के श्री गोपाल थपलियाल द्वारा बाल विधानसभा की अवधारणा, उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बच्चों को बाल विधानसभा के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि इस प्रकार के मंच बच्चों में लोकतांत्रिक समझ विकसित करने, अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने तथा सामाजिक मुद्दों के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. सतीश कुमार सिंह, अनुसचिव, आयोग, श्रीमती अंजना गुप्ता, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, देहरादूनय श्रीमती प्रीति उपाध्याय श्रीमती ममता रौथाण, विधि अधिकारी, आयोग, श्रीमती शांति भट्ट, आयोग तथा प्लान इंडिया के स्टेट हेड लीड श्री गोपाल थापलियाल सहित आदि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बाल विधानसभा की पहल को बच्चों में नेतृत्व, सहभागिता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सतीश कुमार सिंह, अनुसचिव, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा सत्र का समापन किया गया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं बाल प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। पंचम उत्तराखंड बाल विधानसभा 2026 का यह सत्र बच्चों को लोकतांत्रिक व्यवस्था से परिचित कराने, उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

