
“जागरूकता के लिए कदम बढ़ाएँ, AMR के खिलाफ मिलकर लड़ें”: उत्तरांचल विश्वविद्यालय ने मनाया विश्व फ़ार्मासिस्ट दिवस 2026
जागरूकता के लिए कदम बढ़ाएँ, AMR के खिलाफ मिलकर लड़ें: उत्तरांचल विश्वविद्यालय ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 मनाया
उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, देहरादून के उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ार्मास्युटिकल साइंसेज़ (UIPS) ने 25 सितंबर, 2026 को “बेहतर भविष्य के लिए फ़ार्मासिस्ट को सशक्त बनाना” (Empowering Pharmacists for Healthier Futures) थीम के तहत ‘विश्व फ़ार्मासिस्ट दिवस 2026’ मनाया। इस दौरान राष्ट्रीय मिशन “स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से मुकाबला” पर विशेष ध्यान दिया गया।
यह कार्यक्रम फ़ार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया (PCI) की पहल पर आयोजित किया गया था। PCI की गाइडलाइंस के अनुसार, फ़ार्मेसी संस्थानों को जागरूकता और शैक्षिक गतिविधियों के ज़रिए ‘वर्ल्ड फ़ार्मासिस्ट डे 2026’ के राज्य-स्तरीय जश्न में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। UIPS में यह कार्यक्रम UIPS के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) विकास जखमोला की देखरेख में आयोजित किया गया। इसका मकसद हेल्थकेयर में फ़ार्मासिस्ट की अहम भूमिका को उजागर करना और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के बारे में जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम का समन्वय UIPS की HoD डॉ. योगिता त्यागी और UIPS की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. शिल्पा राणा ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन समारोह से हुई, जिसके बाद छात्र इकट्ठा हुए और उन्हें दिन भर की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद छात्रों ने फार्मासिस्ट शपथ समारोह में हिस्सा लिया और पेशेवर नैतिकता, मरीज़ों की देखभाल और फ़ार्मेसी पेशे की ज़िम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम का सिलसिला AMR जागरूकता रैली के साथ आगे बढ़ा, जिसमें छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने “जागरूकता के लिए चलें • AMR के खिलाफ मिलकर लड़ें” के संदेश के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस रैली का मकसद एंटीमाइक्रोबियल्स के ज़िम्मेदार इस्तेमाल और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के बढ़ते खतरे के बारे में जागरूकता फैलाना था।
एक पोस्टर प्रतियोगिता ने छात्रों को विज़ुअल कम्युनिकेशन के ज़रिए AMR से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी और क्रिएटिव विचार पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद “जानकारी दें • शिक्षित करें • रोकथाम करें” (Inform • Educate • Prevent) थीम पर एक लीफ़लेट बनाने की प्रतियोगिता हुई, जिसका मकसद जानकारीपूर्ण सामग्री के ज़रिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।
‘साइटून्स’ (साइंस कार्टून) प्रतियोगिता ने छात्रों को क्रिएटिव विज़ुअल स्टोरीटेलिंग के ज़रिए वैज्ञानिक कॉन्सेप्ट्स को समझाने का मौका दिया। एक डिबेट प्रतियोगिता ने छात्रों को AMR और हेल्थकेयर से जुड़ी चुनौतियों और संभावित समाधानों पर चर्चा करने के लिए और प्रोत्साहित किया। इस प्रोग्राम में एक फ़ार्मा क्विज़ भी शामिल था, जिसमें मज़ेदार और कॉम्पिटिटिव तरीके से फ़ार्मेसी और हेल्थकेयर के बारे में छात्रों की जानकारी को परखा गया।
कुल मिलाकर, इस सेलिब्रेशन ने स्टूडेंट्स को अपनी जानकारी, क्रिएटिविटी, बातचीत करने की क्षमता और क्रिटिकल-थिंकिंग स्किल्स को बेहतर बनाने के मौके दिए। साथ ही, इसने हेल्थकेयर प्रोफेशनल, एजुकेटर और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से लड़ने व बेहतर भविष्य बनाने में पार्टनर के तौर पर फार्मासिस्ट की अहम भूमिका को भी मज़बूत किया।
