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UPES रनवे ने द पिच 3.0 में एआई-नेटिव स्टार्टअप्स को दिया समर्थन: चयनित स्टार्टअप को 25 लाख तक की फंडिंग सहायता

द पिच 3.0 के दिल्ली लेग में आए 20 से ज्यादा आवेदन:  अलग-अलग सेक्टर्स के 7 फाइनलिस्ट्स को फंडिंग सपोर्ट और इन्वेस्टर एक्सेस के लिए चुना गया

नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026: यूपीईएस में स्थित स्टार्टअप इन्क्यूबेटर, यूपीईएस रनवे ने ‘द पिच 3.0’ के नई दिल्ली लेग की मेजबानी की। यह पहल उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में एआई-नेटिव और एआई-ड्रिवन स्टार्टअप्स की पहचान करने और उन्हें समर्थन देने के लिए डिजाइन की गई है। नई दिल्ली में आयोजित पहले लेग में 20 से अधिक आवेदन प्राप्त होने के बाद, सात शॉर्टलिस्टेड स्टार्टअप्स ने इन्वेस्टर्स, मेंटर्स और यूपीईएस लीडर्स के सामने अपने आइडियाज़ प्रस्तुत किए। ये आवेदन उन फाउंडर्स से आए थे, जो टेक्नोलॉजी-लेड इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी काम कर रहे हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केंद्र में रखकर तैयार किया गया द पिच 3.0, यूपीईएस के व्यापक एआई विज़न और उभरती टेक्नोलॉजीज़ का उपयोग कर वास्तविक समस्याओं को हल करने वाले फाउंडर्स को सक्षम बनाने की उसकी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। शॉर्टलिस्ट किए गए वेंचर्स ने एआई इमेज रिकग्निशन, फिनटेक, एडटेक, डिज़ास्टर मैनेजमेंट, फ्लीट टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप टेक सहित कई सेक्टर्स का प्रतिनिधित्व किया। यह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम से उभर रहे एआई-लेड इनोवेशन की व्यापकता को दर्शाता है। दिल्ली पिच डे इस पहल का पहला लेग था, जिसके बाद अगला राउंड सितंबर 2026 में बेंगलुरु में आयोजित करने की योजना है। यह दक्षिण और पश्चिम बाजारों पर केंद्रित होगा और उन उद्यमियों को अवसर देगा, जो पहले राउंड का हिस्सा नहीं बन सके।

द पिच 3.0 के तहत, यूपीईएस रनवे इस वर्ष 10 इनोवेटर्स को समर्थन देने की योजना बना रहा है, जिसमें प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को 25 लाख रुपये तक की फंडिंग सहायता दी जाएगी। मजबूत टेक्नोलॉजी डेप्थ, मार्केट रेलेवेंस और स्केलेबिलिटी वाले असाधारण एआई-लेड इनोवेशन्स के लिए, निवेश समिति के मूल्यांकन और मंजूरी के अधीन यह सहायता 50 लाख रुपये तक जा सकती है।

नई दिल्ली पिच डे ने फाउंडर्स को अपने आइडियाज़ प्रस्तुत करने, अपने बिजनेस मॉडल्स को स्ट्रेस-टेस्ट करने और फाइनेंस, टेक्नोलॉजी और बिजनेस से जुड़े लीडर्स वाली इन्वेस्टमेंट कमेटी से फीडबैक प्राप्त करने का अवसर दिया। इस कमेटी में नवनीत मेहता, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, यूपीईएस; भरत खरबंदा, चीफ बिजनेस ऑफिसर, जीयूएस ग्लोबल सर्विसेज इंडिया; सोमेश सिंह, हेड ऑफ आईटी, यूपीईएस; और राहुल नैनवाल, सीईओ, रनवे इन्क्यूबेटर और डीन, स्कूल ऑफ बिजनेस, यूपीईएस; के साथ-साथ इंडस्ट्री के इन्वेस्टर्स भी शामिल थे।

मूल्यांकन में एआई एप्लिकेशन की मजबूती, टेक्नोलॉजी रेडीनेस, बिजनेस मॉडल, स्केलेबिलिटी, मार्केट रेलेवेंस और फाउंडर्स की इनोवेशन को एक सस्टेनेबल वेंचर में बदलने की क्षमता को ध्यान में रखा गया। प्रस्तुतियों के बाद, जूरी के सामने मजबूत स्टार्टअप्स के समूह का मूल्यांकन करने की चुनौती थी, जिनमें से हर एक मजबूत बिजनेस प्लान, टेक्नोलॉजी-लेड समाधान और स्पष्ट स्केल-अप रणनीतियां लेकर आया था।

प्रस्तुतियों के बाद, जूरी के सामने मजबूत स्टार्टअप्स के समूह का मूल्यांकन करने की चुनौती थी, जिनमें से हर एक मजबूत बिजनेस प्लान, टेक्नोलॉजी-लेड समाधान और स्पष्ट स्केल-अप रणनीतियां लेकर आया था। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, कमेटी ने वेल्थटेक क्षेत्र में काम कर रहे अर्थिक एआई, रिटेल एनालिटिक्स क्षेत्र के स्टोरलिंक और अकाउंटिंग एंड फाइनेंस के ‘डिजिटल सीएफओ’ क्षेत्र से मेमइंटेल को फंडिंग सपोर्ट के लिए चुना। इनका चयन उनके इनोवेशन, मार्केट पोटेंशियल और स्केल करने की तैयारी की मजबूती को देखते हुए किया गया। चयनित प्रत्येक स्टार्टअप को प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केट एक्सेस और बिजनेस ग्रोथ को तेज करने में मदद के लिए 25 लाख रुपये तक की फंडिंग सहायता दी गई।

इस पहल के महत्व पर बात करते हुए, राहुल नैनवाल, सीईओ, रनवे इन्क्यूबेटर और डीन, स्कूल ऑफ बिजनेस, यूपीईएस, ने कहा, “द पिच 3.0 यूपीईएस रनवे की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत हम ऐसे फाउंडर्स का समर्थन कर रहे हैं, जो वास्तविक मार्केट पोटेंशियल वाले एआई-लेड समाधान बना रहे हैं। फंडिंग, मेंटरशिप और इन्वेस्टर एक्सेस को मिलाकर, हम टेक्नोलॉजी इनोवेशन और वेंचर स्केल के बीच एक मजबूत ब्रिज बना रहे हैं।”

2021 में लॉन्च किया गया रनवे, यूपीईएस का स्टार्टअप इन्क्यूबेटर, उद्यमिता विकास के लिए एक गंभीर प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है। लगभग पांच वर्षों में, रनवे के माध्यम से 50 से अधिक स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट किया गया है। यह डीएसटी-टीआईबीआई, माइटवाई, शेल ई4, मैक्सेल एक्सेलेरेटर, पर्ल एकेडमी और ग्लोबल यूनिवर्सिटी सिस्टम्स के सहयोग से किया गया है।

द पिच 3.0 के साथ, यूपीईएस, एक एआई-फर्स्ट यूनिवर्सिटी के रूप में, हायर एजुकेशन के ढांचे में एआई-लेड इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को शामिल करने के अपने बड़े विज़न को आगे बढ़ा रहा है। अकादमिक एक्सीलेंस को फंडिंग, मेंटरशिप और इन्वेस्टर एंगेजमेंट के व्यावहारिक अवसरों के साथ जोड़कर, यूपीईएस युवा फाउंडर्स को मार्केट के करीब लाने में मदद कर रहा है और खुद को इनोवेशन-ड्रिवन एंटरप्रेन्योरशिप के ग्लोबल हब बनने की भारत की महत्वाकांक्षा के साथ जोड़ रहा है।

अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: runwayincubator.com

 

यूपीईएस के बारे में:

उत्तराखंड राज्य विधानमंडल के यूपीईएस अधिनियम, 2003 के तहत स्थापित, यूपीईएस एक टॉप-रैंक्ड, यूजीसी-मान्यता प्राप्त निजी यूनिवर्सिटी है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी एनआईआरएफ 2025 के अनुसार, यूपीईएस को यूनिवर्सिटीज़ में 45वां स्थान मिला है। इसके साथ ही लॉ में 18वां, मैनेजमेंट में 36वां और इंजीनियरिंग में 43वां स्थान मिला है। टाइम्स हायर एजुकेशन यानी टीएचई वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 के अनुसार, यूपीईएस अब वैश्विक स्तर पर 501-600 बैंड में और भारत में 5वें स्थान पर है, जो 2025 में 7वें स्थान से बेहतर है। विशेष रूप से, रिसर्च क्वालिटी में यूपीईएस ने केवल एक वर्ष में 57 स्थानों की छलांग लगाई और वैश्विक स्तर पर 299वां स्थान हासिल किया। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 द्वारा भारत में अकादमिक रेप्युटेशन के आधार पर नंबर 1 निजी यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया है। यह दुनिया की टॉप 2% यूनिवर्सिटीज़ में शामिल है।

यूपीईएस को विश्व स्तर पर प्रशंसित क्यूएस रेटिंग द्वारा एम्प्लॉयबिलिटी यानी प्लेसमेंट्स में 5 स्टार मिले हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची के अनुसार, यूपीईएस के 50+ फैकल्टी मेंबर्स दुनिया के टॉप 2% रिसर्चर्स में शामिल हैं।

यूपीईएस अपने सात स्कूलों के माध्यम से ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स प्रदान करता है: स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस, स्कूल ऑफ डिजाइन, स्कूल ऑफ लॉ, स्कूल ऑफ बिजनेस, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी, और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज़ एंड ह्यूमैनिटीज़। यूपीईएस परिवार में 20,000+ छात्र, 1,500+ फैकल्टी और स्टाफ मेंबर्स, और 40,000+ एलुमनाई की एक मजबूत कम्युनिटी शामिल है, जो अलग-अलग सेक्टर्स में ईवाई, केपीएमजी, बेन एंड कंपनी, मैकिन्से एंड कंपनी, कैपजेमिनी, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ऑरेकल, नेस्ले, आईटीसी, अदाणी पावर, ओएनजीसी, जीएमआर, टीसीएस, विप्रो, इन्फोसिस, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, एक्सेंचर, डेलॉइट और अन्य प्रमुख ब्रांड्स में काम करते हैं।

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