
स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन के निर्माण में फिजियोथेरेपी की भूमिका महत्वपूर्ण : प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल
फिजियोथेरेपी केवल उपचार नहीं, बेहतर जीवनशैली की कुंजी : डॉ. निहाल अशरफ
माया देवी विश्वविद्यालय में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर पैरामेडिकल विभाग द्वारा विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी के महत्व, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा स्वास्थ्य एवं पुनर्वास के क्षेत्र में इसकी बढ़ती उपयोगिता से परिचित कराने के उद्देश्य से विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। *कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ एवं प्रतिष्ठित कार्डियोपल्मोनरी फिजियोथेरेपिस्ट तथा टीम निहाल अशरफ के संस्थापक डॉ. निहाल अशरफ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।



इस सेमिनार का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ निहाल अशरफ,विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट प्रो डॉ तृप्ति जुयाल सेमवाल ,वाइस चांसलर प्रो. डॉ .आशीष सेमवाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रचलित कर किया गया।
*इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. निहाल अशरफ ने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल शारीरिक दर्द या चोट के उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि यह व्यक्ति को उसकी सामान्य शारीरिक क्षमता एवं सक्रिय जीवनशैली में वापस लाने की एक महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्धति है*। विशेष रूप से हृदय एवं फेफड़ों से संबंधित रोगों, सर्जरी के बाद पुनर्वास, चोटों तथा विभिन्न शारीरिक समस्याओं के उपचार में कार्डियोपल्मोनरी फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक करियर संभावनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि एक सफल फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए विषयगत ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षता, संवेदनशीलता, धैर्य और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी एवं वैज्ञानिक बदलावों के साथ स्वयं को अपडेट रखने तथा शोध एवं साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
*इस अवसर पर माया देवी विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण फिजियोथेरेपी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ और उत्पादक समाज की आधारशिला है तथा फिजियोथेरेपी लोगों को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है।* उन्होंने विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीखने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए ऐसे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
*विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में उपचार के साथ-साथ पुनर्वास और रोगी की जीवन गुणवत्ता में सुधार भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो मरीजों को बीमारी, चोट या सर्जरी के बाद पुनः सामान्य एवं सक्रिय जीवन की ओर लौटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की शिक्षा के साथ-साथ विशेषज्ञों के अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।*
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कार्डियोपल्मोनरी फिजियोथेरेपी, पुनर्वास चिकित्सा, रोगी देखभाल, आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीकों तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं करियर के अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञ से विभिन्न विषयों पर संवाद किया और अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए।
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी के व्यापक स्वरूप एवं स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को समझने का अवसर प्रदान किया। साथ ही छात्रों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट प्रो डॉ तृप्ति जुयाल सेमवाल, वाइस चांसलर प्रो डॉ आशीष सेमवाल,रजिस्ट्रार श्रीमती अंबिका जुयाल, डीन एकेडमिक्स प्रो डॉ आर बी सिंह, प्रिंसिपल बी एड श्रीमती सीता जुयाल, डीन पैरामेडिकल प्रो डॉ विक्रम सिंह, इस कार्यक्रम की कोऑर्डिनेटर डॉ सृष्टि शर्मा सहित विभाग के सभी शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
