Homeराज्य समाचारवीबी-जीरामजी योजना के तहत संसंवरेंगे प्रदेश के खस्तहाल विद्यालयः डाॅ. धन सिंह...

वीबी-जीरामजी योजना के तहत संसंवरेंगे प्रदेश के खस्तहाल विद्यालयः डाॅ. धन सिंह रावत

कहा, डी-श्रेणी विद्यालयों के पुनः आंगणन कर दो दिन में शासन को भेजें प्रस्ताव

जनपद स्तरीय समीक्षा के लिये निदेशालय स्तर पर नामित होंगे नोडल अधिकारी

देहरादून, 03 जुलाई 2026
अब प्रदेशभर के क्षतिग्रस्त हो चुके विद्यालयों को संवारने के लिये वीबी-जीरामजी (विकसित भारत गारंटी राजेगार एवं आजीविका मिशन) योजना से भी धनराशि खर्च की जा सकेगी। जिसके तहत विद्यालयों की चाहरदीवारी, सम्पर्क मार्ग, शौचालय, खेल मैदान, पेयजल एंव विद्युतीकरण सहित भवनों के मरम्मत कार्यों के लिये धनराशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जोकि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित करने के उपरांत उपलब्ध हो सकेगी। इकसे अलावा डी-श्रेणी विद्यालयों के भवन निर्माण हेतु पूर्व में प्रेषित प्रस्तावों को तीन दिन के भीतर पुनः निरीक्षण कर शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज शिक्षा निदेशालय स्थित सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रदेशभर से डी-श्रेणी विद्यालयों के प्राप्त प्रस्तावों का एक बार फिर पुनः निरीक्षण कर तीन दिन के भीतर सूचना निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारियों को दिये। डाॅ. रावत ने बताया कि वीबी-जीरामजी योजना के तहत भी स्कूल-काॅलेजों की तस्वीर सुधारी जा सकेगी। इसके लिये ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करने होंगे, जिसके लिये भारत सरकार ने धनराशि की व्यवस्था कर दी है। इसके अलावा आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों, सम्पर्क मार्ग, शौचालय, खेल मैदान, पेयजल एंव विद्युतीकरण आदि कार्यो के लिये आपदा न्यूनीकरण मद से भी धनराशि जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इस मद के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों एवं अन्य प्रस्ताव जिला अधिकारी को उपलब्ध कराने होंगे।

विभागीय मंत्री ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से मानकपूर्ण करने वाले तथा विषम परिस्थितियों वाले विद्यालयों के उच्चीकरण संबंधी प्रस्ताव तीन कार्य दिवसों के भीतर निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने मण्डल, जनपद एवं ब्लाॅक स्तर पर किये गये शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सभी सम्बद्धीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिये, आदेशों का पालन न करने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि जनपदों को जादू का पिटारा, कम्प्यूटर, फर्नीचर आदि मदों में उपलब्ध कराई गई धनराशि को खर्च करने सम्बंधी निविदाओं में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। जिसमें विभागीय कार्मिकों एवं संबंधित फर्माे ने मिलकर निविदा आमंत्रित करने के बावजूद स्वीकृत की गई धनराशि के बराबर वाली निविदाएं ही स्वीकृत की, जो कि मिलीभगत कर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करती है। जिसकी निदेशालय स्तर पर कमेटी गठित कर जांच के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिये हैं। इसके अलावा ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, हल्द्वानी शहर, देहरादून शहर एवं कोटद्वार क्षेत्र में मिड-डे मील योजना के भी जांच के निर्देश दिये गये। विभागीय मंत्री ने महानिदेशक को जनपद स्तर पर निर्माण कार्यों एवं अन्य योजनाओं की माॅनिटिरिंग के लिये निदेशालय स्तर के एक-एक अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिये, ताकि नामित अधिकारी संबंधित जनपदों में जाकर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जनपदीय अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर सकेेगे, तथा रिपोर्ट महानिदेशालय व शासन को उपलब्ध करानी होगी।

बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव नमामि बंसल, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, निदेशक एससीईआरटी वंदन गब्र्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, उप निदेशक जे.पी. काला मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून गोविंद राम जायसवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि शेष जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा मंत्री।

Static 1 Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News