राज्यपाल ने युवाओं को दिए सफलता के गुर: दृढ़ संकल्प निश्चय और संघर्ष से मिलता है सफलता का मुकाम
भारत ईमानदारी, जागरूकता व समर्पण की नींव पर खड़ा हैः राज्यपाल
52 को गोल्ड मैडल, 35 को पी0एच0डी0, 85 को पीजी व 2239 को यूजी की डिग्री
देहरादून । उत्तरांचल विश्वविद्यालय में आज विश्वविद्यालय के छठें दिक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। प्रदेश के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से0नि0) इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। समारोह में 52 छात्रों को गोल्डमेडल, 35 को पी0एच0डी, 85 को पी0जी0 व 2239 को यूजी की डिग्रियों से नवाजा गया। विश्वविद्यालय आगमन पर महामहिम राज्यपाल ने शौर्य दीवार पर परमवीर चक्र विजेताओं की तस्वीरों पर पुष्पांजलि दी। विश्वविद्यालय के एन0सी0सी0 केडेट द्वारा महामहिम को गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जोशी ने महामहिम का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। दिक्षांत समारोह का जुलूस पारम्परिक वेशभूषा में सुसज्जित विश्वविद्यालय के अधिकारी व शिक्षकों द्वारा विश्वविद्यालय कुलसचिव के नेतृत्व में निकाला गया जबकि जुलूस में परम्परानुसार सबसे पीछे महामहिम राज्यपाल चल रहे थे। स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में जुलूस का उच्च स्वर में वेदिक मंत्रों के संग प्रवेश अपने आप में एक अद्भुत दृश्य था।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 धर्म बुद्धि द्वारा इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रगति व उपलब्धियों से सम्बन्धित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उन्होनें बताया कि उत्तरांचल विश्वविद्यालय वर्तमान में विश्व के 24 देशों सहित देश के सभी राज्यों से आये 29000 से अधिक छात्र और छात्राओं को रेगूलर व ऑनलाईन माध्यम से शिक्षा प्रदान कर रहा है। यूनिवर्सिटी का बनाया करिकुलम छम्च् 2020 के हिसाब से इंटरनेशनल स्टैंडर्ड और नेशनल और लोकल जरूरतों को पूरा करता है। इसमें माननीय गवर्नर का 5 पॉइंट मिशन, रिवर्स माइग्रेशन, ऑर्गेनिक खेती, महिला एम्पावरमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गेम चेंजर, टर्निंग पॉइंटस और सेंटर ऑफ ग्रेविटी भी शामिल है जिसे उत्तरांचल विश्वविद्यालय ने अपने मिशन के तौर पर पूरी ईमानदारी से अपनाया है। विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली योग्यता व आवश्यकता आधारित वित्तीय छात्रवृतियों में इस वर्ष 79.12 करोड़ रूपये की छात्रवृति प्रदान की गई। इस साल विश्वविद्यालय ने 2000 रिसर्च पेपर पब्लिश किए हैं और कुल पब्लिकेशन 7000 से ज्यादा हो गए हैं। टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग में उत्तरांचल विश्वविद्यालय को उत्तराखण्ड में दूसरा व भारत मे 49वीं स्थान प्राप्त हुआ। छप्त्थ् फार्मेसी रैंकिंग 2025 में विश्वविद्यालय को 75वां स्थान हासिल करने का गौरव प्राप्त हुआ। फै वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया 2026 में विश्वविद्यालय 330वीं स्थान पर रही। यहाँ से शिक्षा लेकर छात्र गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आई0बी0एम, एच0पी सहित विश्व की नामचीन कम्पनियों में कार्यरत् है। 73 न्यायिक अधिकारी सहित भारत की सशस्त्र सेनाओं में भी अधिकारी देने का श्रेय उत्तरांचल विश्वविद्यालय को प्राप्त है।
अपने सम्बोधन में महामहिम राज्यपाल ने कहा कि भारत का युवा अब लाखों, करोड़ों के नही अपितु बिलियन व ट्रिलियन के सपने देखता है व उन्हे साकार करने की ओर अग्रसर है। भारत आधुनिकता, नवाचार और बदलाव के युग में प्रवेश कर चुका है। इसे विश्वगुरू बनने से कोई नही रोक सकता। युवाओं को सफलता के गुर देते हुए उन्होंने कहा कि सपना, संकल्प, निश्चिय, संघर्ष व धैर्य का मार्ग सफलता की ओर जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती कृत्रिम बुद्वि है और उसके बाद ब्रह्मांडीय ज्ञान का रूख होगा जो कि निश्चित रूप से भारत का क्षेत्र है। अंत में महामहिम छात्रों को समर्पण के साथ राष्ट्र प्रथम का संदेश दे गये।
सायंकाल विश्वविद्यालय में एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया जिसमें पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव एवं उपलब्धियां साझा की।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विश्वविद्यालय संचालक समिति की उपाध्यक्षा श्रीमती अनुराधा जोशी, विश्वविद्यालय की उपाध्यक्षा सुश्री अंकिता जोशी, उपकुलपति प्रो0 राजेश बहुगुणा, कार्यकारी निदेशक डा0 अभिषेक जोश,ी रजिस्ट्रार डा0 अनुज राणा, जगदीश जोशी, प्रो0 प्रदीप सूरी, प्रो0 अजय सिंह, प्रो0 सोनल शर्मा, प्रो0 सुमित चौधरी, प्रो0 विकास जखमोला, प्रो0 मनीष बडोनी, प्रो0 शरद पाण्डेय, प्रो0 कार्तिकेय गौड, प्रो0 राजेश सिंह, डा0 अमित भट्ट, डा0 मिधु कुरियन, डा0 अनिता गेहलोत, मनोज ध्यानी, डा0 रामवीर तंवर, नितिन डुकलान तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।
