12.4 C
Dehradun
Tuesday, January 13, 2026
Google search engine
Homeराज्य समाचारउत्तराखंड में रिवर्स माइग्रेशन’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम:  'न्यूरो स्टेप स्पाइनल...

उत्तराखंड में रिवर्स माइग्रेशन’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम:  ‘न्यूरो स्टेप स्पाइनल कॉर्ड एवं न्यूरो रिहैबिलिटेशन सेंटर’  बना नई मिसाल

न्यूरोलॉजिस्ट डाॅ. नीलम मेहरा का ‘न्यूरो स्टेप स्पाइनल कॉर्ड एवं न्यूरो रिहैबिलिटेशन सेंटर’ रिवर्स माइग्रेशन की बना नई मिसाल

​देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड के लिए ‘रिवर्स माइग्रेशन’ की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम उठाते हुए, विशेषज्ञ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नीलम मेहरा ने अपनी जन्मभूमि की सेवा के लिए घर वापसी की है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अत्याधुनिक आयाम प्रदान करते हुए, राजधानी देहरादून में उनके ‘न्यूरो स्टेप स्पाइनल कॉर्ड एवं न्यूरो रिहैबिलिटेशन सेंटर’ का भव्य उद्घाटन किया गया।
​धर्मपुर से भाजपा विधायक विनोद चमोली एवं भाजपा आईटी सेल के पूर्व संयोजक शेखर वर्मा ने फीता काटकर इस विश्वस्तरीय स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ किया। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ी कमी को पूरा करेगी, बल्कि राज्य के शिक्षित युवाओं के लिए ‘घर लौटकर सेवा करने’ की एक सशक्त मिसाल पेश करती है।
​1. रिवर्स माइग्रेशन: अनुभव की वापसी
​अन्य राज्यों में बहुमूल्य कार्य अनुभव प्राप्त करने के बाद, डॉ. नीलम मेहरा (संस्थापक एवं निदेशक) और सह-संस्थापक डॉ. सुनील सैनी का मुख्य संकल्प उन न्यूरोलॉजिकल और स्पाइनल पुनर्वास सुविधाओं को राज्य में सुलभ कराना है, जिनके लिए अब तक उत्तराखंड के मरीज़ों को महानगरों की ओर पलायन करना पड़ता था।
​उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग की सदस्य रंजना रावत ने डॉ. नीलम मेहरा के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि,
​”डॉ. नीलम मेहरा ने बाहर सीखे अपने उच्च अनुभव को देवभूमि की सेवा में समर्पित किया है, जो वास्तव में ‘रिवर्स माइग्रेशन’ की एक प्रेरणादायी मिसाल है। यह दिखाता है कि हमारे युवा अपने प्रदेश की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं, और हमें ऐसे ही दूरदर्शी युवाओं की आवश्यकता है जो राज्य के विकास में योगदान दें।”
​2. अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र: न्यूरो स्टेप की विशिष्टता
​न्यूरो स्टेप सेंटर, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी (बाल चिकित्सा), स्पोर्ट्स इंजरी और ऑर्थोपेडिक स्थितियों जैसी जटिल समस्याओं के लिए अब देहरादून में ही विश्वस्तरीय उपचार प्रदान करेगा। यह सेंटर अत्याधुनिक रोबोटिक मशीनों, नई तकनीकों और एक मल्टी-डिसिप्लिनरी (बहु-विषयक) अप्रोच के साथ न्यूरो रिहैबिलिटेशन सेवाओं का नया मानक स्थापित करने के लिए तत्पर है।
​उद्घाटन के अवसर पर विधायक विनोद चमोली ने संस्थान का भ्रमण किया और सेवाओं की गुणवत्ता पर ज़ोर देते हुए कहा,
​”उत्तराखंड में लंबे समय से न्यूरोलॉजिकल और स्पाइनल कॉर्ड से जुड़ी समस्याओं के लिए विशेष पुनर्वास सेवाओं की अत्यंत आवश्यकता थी। यह सेंटर अत्याधुनिक तकनीक और साक्ष्य-आधारित उपचार के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर, प्रदेश की स्वास्थ्य चुनौतियों को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।”
​3. पलायन निवारण और रोजगार सृजन का विज़न
​डॉ. नीलम मेहरा ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता केवल स्वास्थ्य सुविधाएं देना नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि भविष्य में हम इस केंद्र की अन्य इकाइयाँ भी स्थापित करें और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर इसी देवभूमि की सेवा कर सकें।”
​प्रदेश के समाजसेवी पवन दूबे ने इस पहल को राज्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा,
​”डॉ. नीलम मेहरा का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पलायन निवारण व स्थानीय रोजगार सृजन के विज़न को ठोस मजबूती प्रदान करता है। यह प्रदेश के हर उस युवा के लिए प्रेरणास्रोत बनना चाहिए जो अपने राज्य के विकास में योगदान देने की भावना रखता है।”
​इस अवसर पर स्थानीय पार्षद आलोक कुमार, गौरव रौतेला, लक्ष्मण सिंह मेहरा, कमला मेहरा, प्रेमा व अन्य लोग उपस्थित रहे।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News