
डा. धन सिंह रावत बोले— उत्तरांचल विश्वविद्यालय की पहल युवाओं के लिए अनुकरणीय
नशामुक्त देवभूमि और युवा सशक्तिकरण का संदेश लेकर दौड़ी सिल्वर जुबली रन
‘उत्तरांचल सिल्वर जुबली रन’ बना स्वास्थ्य, न्याय और मानवता का उत्सव
मयंक नेगी व पलक बने उत्तरांचल सिल्वर जुबली रन 2026 के विजेता
देहरादून 22 अगस्त/ उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिसर में आज प्रातः 5 बजे से ही अभूतपूर्व चहल-पहल देखने को मिली। परिसर में देश भक्ति के गीत और धावकों की टोलियां रीलें बनाते और सेल्फियाॅ लेते छात्र-छात्राओं ने सुबह-सुबह एक रोंमांचित दृश्य उत्पन्न कर दिया। अवसर था उत्तरांचल विश्वविद्यालय के रजत जयन्ती वर्ष के आगाज का। विश्वविद्यालय द्वारा रजत जयन्ती वर्ष के उपलक्ष में उत्तरांचल सिलवर जुबली रन 2026 का आयोजन किया गया। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा0 धन सिंह रावत मैराथन के उद्घाटन सत्र में और राज्य उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने बताया कि उत्तरांचल विश्वविद्यालय के प्रथम संस्थान लाॅ काॅलेज देहरादून की स्थानपा वर्ष 2002 में प्रदेश के प्रथम स्वतंत्र महाविद्याालय के रूप में की गई थी। विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2026-27 को रजत जयन्ती वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। रजत जयन्ती वर्ष का शुभारम्भ न्याय स्वास्थ्य और मानवता के लिए आयोजित उत्तरांचल सिल्वर जुबली रन 2026 के साथ किया गया। इस दौड में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने चकराता रोड़ पर 11 कि0मी0 की दौड़ लगाई।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जोशी ने विजेताओं को 56 हजार रुपये के नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एक शारीरिक दौड़ से कही ज्यादा महत्वपूर्ण यह दौड़ नशामुक्त देवभूमि, स्वास्थ्य, न्याय और युवा सशक्तिकरण के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता है। उन्होंने इसके साथ ही विश्वविद्यालय के अगले दौर में कदम रखने के साथ ही प्रदेश और देश के युवाओं को मिलकर तरक्की करने का एक प्रेरणादायी वातावरण उत्पन्न करने का संकल्प लिया।
अपने उद्घाटन भाषण में डा0 धन सिंह रावत ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं शिक्षकों और कर्मचारियों को रजत जयन्ती की शुभकामनाए दी और कहा कि युवा हमारी सबसे बड़ी ताकत है। नशामुक्त देव भूमि, न्याय व मानवता जैसे उद्देश्यों के लिए आयोजित मैराथन युवाओं की उर्जा का सर्वाधिक सदुपयोग है।उन्होनें कहा कि भारत सरकार द्वारा नशा मुक्त भारत व उत्तराखण्ड़ सरकार द्वारा नशामुक्त देवभमि मिशन का आह्वान किया है। उन्होनें छात्रों को इस मिशन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित/आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तरांचल विश्वविद्यालय द्वारा रजत जयन्ती वर्ष का आगाज जिस पवित्र भावना के साथ किया जा रहा है यह एक अनुकरणीय उदाहरण है।
अपने समापन भाषण में श्री अशोक वर्मा ने कहा कि उत्तरांचल विश्वविद्यालय के वर्षो का सफर निःसन्देह क्रमबद्ध उपलबध्यिों से भरा पड़ा है विशेषकर विश्वविद्यालय जेन जी की उर्जा का सकारात्मक दिशा मे प्रवाह का मार्ग प्रसस्त कर रहा है। उन्होंने शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उत्तरांचल विश्वविद्यालय केा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के संग अग्रणी पंक्ति में खडे़ होने पर बधाई दी। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये और उनकी हौसला अफजाही की।
पुरुष वर्ग में मयंक नेगी, शाने आलम व हरसित तथा महिला वर्ग में पलक, मान्या व ललिता अधिकारी क्रमशः प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे।
इस अवसर पर मुख्य रुप से उत्तरांचल विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष सुश्री अंकिता जोशी, कुलपति प्रो0 धर्म बुद्धि, कार्यकारी निदेशक ड़ा0 अभिषेक जोशी प्रो0 प्रदीप सूरी, प्रो0 पूनक रावत, प्रो0 सोनम शर्मा, प्रो0 विकास जखमोला, प्रो0 कार्तके गौड़, प्रो0 अमित चैधरी, प्रो0 अमित भट्ट, डा0 निकून्ज यादव व शिवा मलिक सहित सैकड़ों शिक्षक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
