
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में रविवार को 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल के तहत योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल ऑफ योगिक साइंस एंड नेचुरोपैथी द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न योगासनों के अभ्यास के साथ ही योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि योग सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है और इसे आरोग्य का प्रभावी माध्यम माना गया है। भारत की पहल से आज योग को विश्वभर में पहचान और महत्व मिल रहा है। योग एक प्राचीन परंपरा है, जो बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक है। उन्होंने सभी से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योग दिवस 2026 की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. प्रतापन ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विश्वविद्यालय में योग से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती बीमारियों के बीच योग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और शरीर व मन को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल ऑफ योगिक साइंस एंड नेचुरोपैथी के छात्र सुमीर ज्ञवाली को सम्मानित किया गया। उन्होंने हाल ही में विश्व स्तर पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। उन्हें विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ योगिक साइंस एंड नेचुरोपैथी की डीन एवं योग विभाग की प्रोफेसर डॉ. ओम नारायण तिवारी ने कहा कि योग शरीर और मन को स्वस्थ रखने के साथ आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने लोगों को योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम समन्वयक एवं योग विभाग के डॉ सुरेंद्र रायल के नेतृत्व में छात्रों, शिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स ने योगाभ्यास में सक्रिय प्रतिभाग किया। उन्होंने योगासनों के लाभों से अवगत कराते हुए बताया कि योग शरीर और मस्तिष्क की ऊर्जा को सही दिशा देने वाला प्रभावी अभ्यास है।
