
देहरादून : देहरादून स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
शर्मा ने कहा, “FIR नहीं करके योगी सरकार ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है। SIT जांच इसलिए की गई है ताकि चंदा चोरी के मगरमच्छ को बचने का रास्ता ढूंढ लिया जाए।”
उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि ED और CBI गर्मियों की छुट्टी पर चले गए हैं, जिससे केंद्र की एजेंसियों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठे हैं।
*प्रमुख बिंदु*:
• राम मंदिर के श्रद्धालुओं के चढ़ावे (नकदी, गहने आदि) में अनियमितताओं के आरोप के बावजूद FIR दर्ज न करना सरकार की नीयत पर सवालिया निशान।
• SIT को “दोषियों को बचाने का माध्यम” बताते हुए शर्मा ने मांग की कि जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में हो।
• ED-CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर तंज कसते हुए कहा कि वे इस मामले में सक्रिय नहीं दिख रही हैं।
प्रेसवार्ता में आलोक शर्मा ने भक्तों की आस्था से जुड़े पैसे की पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया। विपक्ष की मांग है कि इस मामले में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई हो।
*सरकार का पक्ष*:
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि SIT ट्रस्ट की शिकायत पर गठित की गई है। जांच चल रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
