प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ठप्प- करण माहरा
अंकिता भंडारी मामले में वीआईपी को बचाया अब हिमांशु चमोली को बचाने में जुटी भाजपा
मामले में दो दो एफआईआर करने के पीछे क्या राज है बताए पुलिस
देहरादून: जिस तरह अंकिता भंडारी बलात्कार व हत्याकांड में भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस व सरकारी मशीनरी ने मृतक पीड़िता अंकिता ने जिस वीआईपी का जिक्र अपनी वॉट्सऐप चैट में किया था उसे बचाने का काम किया गया उसी तरह जितेंद्र नेगी की आत्म हत्या में जितेंद्र के वीडियो मैसेज में उसकी मौत के केवल और केवल एक जिम्मेदार भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली को बचाने के षडयंत्र रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही शुरू हो गए हैं इसीलिए पुलिस ने एक ही घटना की दो दो एफआईआर अलग अलग धाराओं में दर्ज कर ली जिससे शुरुआत से ही यह केस कमजोर पड़ जाए यह आरोप लगाते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करण माहरा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश के मुख्यमंत्री जो प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं श्री पुष्कर सिंह धामी से दो दो पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने वाले पूरे थाने को निलंबित कर दूसरी एफआईआर जो बाद में लिखाई गई उसे रद्द करने की मांग की। श्री माहरा ने कहा कि यह बड़े आश्चर्य की बात है कि जितेंद्र नेगी आत्महत्या की प्रथम सूचना रिपोर्ट शाम ४ बजे २१ अगस्त को थाना पौड़ी गढ़वाल में मृतक जितेंद्र के पिता श्री नेगी ने दर्ज करवाई और उन्होंने अपने बेटे जितेंद्र नेगी के वीडियो बयान का जिसमें वो अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बता रहा है जिक्र रिपोर्ट में करते हुए हिमांशु चमोली को उसकी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया और उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की। श्री माहरा ने कहा कि इस एफआईआर होने के कुछ समय बाद इसी घटना की एक और एफआईआर अवैध हथियार की दूसरी धाराओं में दर्ज कर ली गई जो साफ साफ यह दर्शाता है कि एक ही घटना की दो दो एआईआर करना यह इशारा कर रहा है कि इस मामले में मुख्य अभियुक्त भाजपा नेता हिमांशु चमोली को बचाने की कोशिशें शुरू हों गई हैं क्योंकि उसके संबंध और पहुंच राज्य के शीर्ष भाजपा नेताओं से लेकर राष्ट्रीय नेताओं से सब को पता हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी खाल बचाने के लिए दिवंगत जितेंद्र नेगी के माता पिता से फोन पर बात कर रहे हैं और उस बातचीत का वीडियो वायरल किया जा रहा है जबकि उन्हीं की पुलिस मामले की दो एफआईआर दर्ज कर मामले को कमजोर कर रही है उन्होंने मांग करी कि बाद में दर्ज की गई एफआईआर रद्द की जाए और दो दो एफआईआर दर्ज करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।
श्री माहरा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार में जंगल राज कायम हो चुका है और सत्ताधारी दल के लोग स्वयं ही सीधे सीधे तरह तरह के अपराधों में संलिप्त हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य से लेकर सल्ट, चंपावत,काशीपुर और संत्रेशाह की बलात्कार व हत्या की घटनाओं में भाजपा के पदाधिकारी शामिल रहे इसी प्रकार से हरिद्वार की अबोध १३ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म उसकी सगी मां भारतीय जनता महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष अनामिका शर्मा ने खुद ही करवा दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पंचायत चुनावों में भाजपा ने अपराधियों को इस्तेमाल कर जिला पंचायत सदस्य व छेत्र पंचायत सदस्य उठा कर अगवा कर लिया और पुलिस मूक दर्शक बन तमाशा देखती रही। श्री माहरा ने कहा कि राष्ट्रपति के उत्तराखंड दौरे में देहरादून और हरिद्वार में डकैतियां पड़ गईं इससे बड़ी घटना क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुल मिला कर प्रदेश में सत्ताधारी दल के नेता स्वयं अपराधों में शामिल हैं और पुलिस उनके आगे बेबस है और प्रदेश में कानून का राज समाप्त हो गया है और जंगल राज में जनता त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था का सवाल कांग्रेस प्रदेश की विधानसभा में नियम ३१० के तहत उठाने की मांग कर रही थी किंतु भाजपा ने सदन को हो अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी लगातार प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों को सड़क पर उठा रही है और आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश भर में इन मुद्दों पर बड़ा आंदोलन करेगी।
प्रेस कांफ्रेंस में विधायक लखपत बुटोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला,प्रवक्ता प्रदेश कांग्रेस शीशपाल सिंह, प्रवक्ता सुजाता पॉल, प्रवक्ता डॉक्टर प्रतिमा सिंह, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी, आईटी विभाग अध्यक्ष विकास नेगी शामिल रहे।
सादर
सूर्यकांत धस्माना
वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड
देहरादून