नैनीताल। प्रसिद्ध और ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव का 123वां आयोजन इस वर्ष 28 अगस्त से 5 सितम्बर तक होगा। आयोजनकर्ता संस्था श्री राम सेवक सभा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि महोत्सव का उद्घाटन सांसद अजय भट्ट करेंगे।
सभा के महासचिव जगदीश बवाड़ी ने कहा कि मेले को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए नए निर्णय लिए गए हैं। इस दौरान उन्होंने नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह का विशेष आभार जताते हुए कहा कि उनकी मेले के प्रति सकारात्मक सोच सराहनीय है और हर क्षेत्र में सहयोग मिला है।
मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमा के आगे सेल्फी लेने पर रोक रहेगी। इस बार पहली बार माता के डोले की शोभायात्रा में पिथौरागढ़ की प्रसिद्ध ‘लखिया भूत’ की झांकी शामिल होगी।
महोत्सव में कुमाऊनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कुमाऊनी गीत एवं लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन होगा। नगरभर में छोलिया और झोड़ा नृत्य के साथ मशकबीन की धुन से धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बनेगा। दुकानें इस बार प्रशासन की देखरेख में केनोपी और जर्मन हैंगर में लगेंगी तथा दो मेला अधिकारी व्यवस्था पर निगरानी रखेंगे।
पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी ‘मंटू’ ने कहा कि इस बार अराजक तत्वों पर नजर रखने और सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन की अनुमति से ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी।
28 अगस्त को महोत्सव का शुभारंभ होगा। 29 अगस्त को कदली वृक्ष का नगर भ्रमण, 30 अगस्त को मूर्ति निर्माण व प्रतियोगिताएं, 31 अगस्त को नंदा अष्टमी पर प्राण प्रतिष्ठा और पूजन होगा। 1 सितम्बर को दुर्गा सप्तमी पाठ व हवन, 2 सितम्बर को सुंदरकाण्ड, 3 सितम्बर को डीएसए मैदान में महाभंडारा और 4 सितम्बर को नंदा चालीसा व भजन कार्यक्रम के साथ नैनी झील में दीपदान होगा। 5 सितम्बर को प्रातः देवी पूजन और दोपहर में नगर भ्रमण के बाद सांय को नैना देवी मंदिर के समीप प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
31 अगस्त से 4 सितम्बर तक प्रतिदिन शाम 6:30 बजे राम सेवक सभा प्रांगण एवं तल्लीताल डांट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। विद्यालयी झांकियों और छोलिया दलों के साथ इस वर्ष पहली बार स्थानीय महिलाओं का झोड़ा भी विशेष आकर्षण रहेगा। अखाड़ा, आकर्षक झांकियां और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी।
1918 में स्थापित श्री राम सेवक सभा 1926 से लगातार नंदा देवी महोत्सव का आयोजन कर रही है। इस वर्ष महोत्सव के प्रवक्ता प्रो. ललित तिवारी, मुकेश जोशी और हरीश राणा को बनाया गया है। प्रेस वार्ता में सभा अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी, पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी, कमलेश ढोंढियाल, भीम सिंह कार्की, देवेंद्र साह, विमल चौधरी, मिथिलेश पांडे, मुकुल जोशी, घनश्याम लाल साह, भुवन बिष्ट, मोहित साह, अशोक साह और हरीश लाल साह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।