
सशक्त युवा ही विकसित भारत की नींव : डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल
युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान के भी निर्माता हैं : डॉ. भावतोश शर्मा
माया देवी विश्वविद्यालय में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संदेश, ‘यूथ कनेक्ट’ में जुटे युवा देवी विश्वविद्यालय में ‘यूथ कनेक्ट’ कार्यक्रम का आयोजन
माया देवी विश्वविद्यालय में अभ्युदय भारत राइजिंग फोरम के सहयोग से विश्वविद्यालय के सभागार में प्रेरणादायी एवं संवादपरक ‘यूथ कनेक्ट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। *कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना, उनके भीतर नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना तथा उन्हें देश के विकास और प्रगति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।*




कार्यक्रम में आरएसएस उत्तराखंड के सह विभाग प्रचारक श्री सौरभ जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि डॉ भावतोश शर्मा सीनियर साइंटिस्ट यूकास्ट देहरादून मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आरएसएस के जिला प्रचारक श्री पंकज जी , डॉ वैभव प्रताप सिंह स्वामी विवेकानंद हॉस्पिटल धर्मावला सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन से हुई। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से साहस, दृढ़ संकल्प, राष्ट्र सेवा एवं कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। डॉक्यूमेंट्री ने उपस्थित विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों एवं जिम्मेदारियों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया तथा सभागार में राष्ट्रीय गौरव एवं उत्साह का वातावरण निर्मित किया।
इसके पश्चात माया देवी विश्वविद्यालय की *वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और राष्ट्र की प्रगति के लिए युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता एवं सकारात्मक सोच का सही दिशा में उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील एवं मूल्य आधारित नागरिक बनाना भी है।* उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान एवं क्षमताओं का उपयोग समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में करने का आह्वान किया।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
*मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ भावतोश शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि वे वर्तमान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा, क्षमता एवं रचनात्मकता होती है, जिसे सकारात्मक दिशा प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में चरित्र, अनुशासन, ईमानदारी, जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता एवं समर्पण जैसे मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ भावतोश शर्मा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अकादमिक उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं है, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करना है जो समाज के प्रति संवेदनशील हो और अपनी क्षमताओं का उपयोग राष्ट्रहित में कर सके। उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा को पहचानने, निरंतर सीखने, चुनौतियों का सकारात्मक रूप से सामना करने तथा समाज में जल संरक्षण वृक्षारोपण पॉलिथीन मुक्त अभियान जल स्रोतों के स्वच्छता में भी अपनी सक्रिय भागीदारी से रचनात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।*
कार्यक्रम में अभ्युदय भारत राइजिंग फोरम की गतिविधियों, उद्देश्यों एवं विजन पर आधारित एक वीडियो प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई। वीडियो के माध्यम से युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने तथा उन्हें देश के विकास एवं प्रगति में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करने के फोरम के प्रयासों की जानकारी दी गई।
*विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की युवा शक्ति देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। युवाओं में ज्ञान, ऊर्जा और नवाचार की अपार क्षमता है और यदि इन क्षमताओं को सही दिशा एवं अवसर प्रदान किए जाएं, तो वे राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं,उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को केवल अपने व्यक्तिगत करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए।* अनुशासन, नवाचार, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर युवा एक सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
*प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने अभ्युदय भारत राइजिंग फोरम द्वारा युवाओं से संवाद स्थापित करने के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने, अनुभवी एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से सीखने तथा अपने भविष्य के प्रति अधिक जागरूक होने का अवसर प्रदान करते हैं।*
उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, फोरम के प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
*कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं सहभागिता देखने को मिली। ‘यूथ कनेक्ट’ ने विद्यार्थियों को न केवल राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान किया, बल्कि उन्हें अपने व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक दायित्वों पर चिंतन करने के लिए भी प्रेरित किया।*
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत/राष्ट्रगान के साथ हुआ। राष्ट्रगान के दौरान सभागार में एकता, राष्ट्रीय गौरव एवं देशभक्ति की भावना का वातावरण देखने को मिला।समग्र रूप से ‘यूथ कनेक्ट’ कार्यक्रम युवाओं और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के बीच संवाद का प्रभावी मंच साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि मूल्य-आधारित, अनुशासित, जिम्मेदार, जागरूक एवं सशक्त युवा ही सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ भावतीश शर्मा सीनियर साइंटिस्ट यूकास्ट, विशिष्ट अतिथि श्रीमान सौरभ जी सह विभाग प्रचारक देहरादून विभाग, श्रीमान पंकज जी जिला प्रचारक विकास नगर, डॉ वैभव प्रताप सिंह, विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट प्रो डॉ तृप्ति जुयाल सेमवाल,वाइस चांसलर प्रो डॉ आशीष सेमवाल, रजिस्ट्रार श्रीमती अंबिका जुयाल, डीन एकेडमिक्स प्रो डॉ आर बी सिंह, प्रिंसिपल बीएड डॉ सीता जुयाल सहित सभी स्कूल के प्रिंसिपल, डीन, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम का संचालन भावना अरोड़ा द्वारा किया गया जबकि कार्यक्रम के संयोजक पंकज चतुर्वेदी थे
