लाॅ काॅलेज देहरादून की युवा संसद में राजनीतिक अपराधीकरण पर धूआँधार बहस
देहरादून 25 अप्रैल। लाॅ काॅलेज देहरादून की 7वीं माॅडल यूनाइटेड नेशन काॅन्फ्रेंस एवं यूथ पार्लियामेंट में दूसरे दिन उत्साह की लहर दौड़ पड़ी जब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र एवं गोवा के पूर्व गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी जी युवा सांसदों को सम्बोधित करने पहुँचें। युवा संसद में गठित लोक सभा में आज संविधान के 130वें संशोधन का मुद्दा छाया रहा। सरकार के मंत्रियों का किरदार निभा रहे युवा सांसदों का कहना था कि इस संशोधन का उद्देश्य है कि राजनीति में अपराधीकरण पर लगाम लगे और जन विश्वास बहाल हो ताकि कोई भी नेता जेल से सरकार न चला सके। उन्होंने तर्क दिया कि आपराधिक पृष्ठभूमि के राजनेताओं पर अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकता है। जबकि विपक्ष ने इसका पूरजोर विरोध किया। उनका कहना था कि यह सरकार की सोची समझी चाल है। सरकार संविधान में संशोधन कर विपक्ष के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने की साजिश रच रही है।



अखिल भारतीय राजनीतिक दलों की बैठक में विकसित भारत 20247 व स्किल इंडिया 2.0 जबकि संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में खाड़ी युद्ध के बादल छाये रहे।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जोशी ने कहा कि युवा संसद में भागीदारी छात्रों के सर्वांगिक विकास के लिए एक अद्भुत प्रयास है। छात्र जीवन में यदि बच्चे एक स्वस्थ राजनीति की ट्रेनिंग लेते है तो यह न केवल उनके स्वयं के विकास में सहायक होगा बल्कि देश की राजनीति में एक नई दिशा स्थापित होगी। उन्होंने युवा सांसदों के उत्साह की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
अपने सम्बोधन में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा सांसदों के बीच मुझे सुखद प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि 130वां संविधान संशोधन केन्द्र सरकार की दूरगामी सोच को दर्शाता है। यह संशोधन वास्तव में अपराध मुक्त राजनीति की परिकल्पना है। अपने सम्बोधन में उन्होंने डिजिटल ज्ञान और ए0आई की महत्ता को स्वीकार करते हुए अध्यात्मिक बुद्धिमता पर भी जोर देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अध्यात्मिक बुद्धिमता प्रत्येक व्यक्ति में आंतरिक रूप से न्याय की समझ पैदा करती है जो एक न्यायप्रिय समाज की स्थापना के लिए अति आवश्यक है। उन्होंने विधि के छात्रों को संविधान सभा के परिचर्चाओं को पढ़ने की सलाह दी जो समाज, राजनीति और न्याय के क्षेत्र में सूचिता और पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने लाॅ काॅलेज देहरादून के छात्रों को शुभकामनाएं दी कि वे समर्थ बनकर देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में जाने योग्य बने। साथ ही साथ लाॅ काॅलेज देहरादून को देश का सर्वोच्च विधि संस्थान बनने की शुभकामनाएं दी।
निर्णायक मंडल द्वारा एन मेरी स्कूल, देहरादून को सर्वश्रेष्ठ डेलीगेट के अवार्ड से नवाजा गया जबकि शैपियंस स्कूल, हरबर्टपुुर को द्वितीय श्रेष्ठ डेलीगेट घोषित किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष सुश्री अंकिता जोशी, कुलपति प्रो0 धर्मबुद्धि, उपकुलपति प्रो0 राजेश बहुगुणा, डा0 भावना अरोड़ा, प्रो0 शरद पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
