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जनसंवाद में उठी सड़क चौड़ीकरण की मांग, राजेश्वर पैन्यूली ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

लंबगांव-चवाड़ बैंड-चमियाला मार्ग के चौड़ीकरण की मांग तेज, ग्रामीणों से मिले राजेश्वर पैन्यूली

जनसंवाद में गूंजा सड़क चौड़ीकरण का मुद्दा, राजेश्वर पैन्यूली ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
नई टिहरी। भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के सह संयोजक एवं सीए राजेश्वर पैन्यूली ने प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र के भदूरा पट्टी के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने आबकी, मंजखेत, खिट्टा, पोखरी और लिखवार गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों पर चर्चा की।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने लंबगांव-चवाड़ बैंड-चमियाला मोटर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र की आवाजाही के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सड़क के चौड़ीकरण और बेहतर होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ रोजगार और आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।

ग्रामीणों ने सड़क को चारधाम यात्रा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके विकसित होने से गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकती है। इससे क्षेत्र में तीर्थाटन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

राजेश्वर पैन्यूली ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ आगे रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की मजबूत नींव है।
बागी गांव में पांडव लीला में हुए शामिल

क्षेत्र भ्रमण के दौरान राजेश्वर पैन्यूली ने रौणद-रमोली क्षेत्र के बागी गांव में आयोजित पांडव लीला में भी शिरकत की। उन्होंने कलाकारों के शानदार मंचन की सराहना करते हुए आयोजन से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ मातृशक्ति की भी उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक परंपराएं और पौराणिक सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। पांडव लीला जैसे आयोजन हमारी समृद्ध संस्कृति को जीवंत रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

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